फीस विवाद : स्कूल संचालकों के साथ डीएसई ने की बैठक, नहीं निकला कोई समाधान


धनबाद(DHANBAD) - सरकार का आदेश नहीं मानने के आरोपों से घिरे जिले के 15 स्कूल संचालको की आज जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ बैठक हुई. बैठक में कोई निर्णय नहीं हुआ. जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि मामले की सुनवाई हुई है और स्कूलों के पक्ष को भी प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक में रखा जाएगा और वहां से जो निर्णय होगा, उसके अनुरूप कार्य किए जाएंगे. डीएसई ने बताया कि स्कूलों के सभी पक्ष की सुनवाई की गई ,सभी डीएवी का एक ही स्वर में यही कहना था कि अगर ट्यूशन फीस 1006 के कंडिका 2 के अनुसार लेते हैं तो कंडिका सात कहता है कि सारे शिक्षक एवं कर्मियों को सभी तरह का वेतन का भुगतान किया जाए ,उसका हम पालन नहीं कर पाएंगे. इसी मजबूरी के कारण ट्यूशन फीस के अलावे राशि की मांग की जा रही है.
सबके अपने अपने तर्क तो फिर सरकार का आदेश क्यों
धनबाद पब्लिक स्कूल का कहना था कि सत्र 20-21 में सिर्फ ट्यूशन फीस लिया गया है लेकिन आगे सभी शुल्क की मांग की जा रही है. राजकमल स्कूल का कहना था कि उस पर लगाए गए सारे आरोप निराधार है. स्कूल में नियम का पालन किया जा रहा है, यानी जब तक ऑनलाइन क्लासेज चले तब तक ट्यूशन फीस लिया गया है और जब से ऑफलाइन क्लास से शुरू हुए हैं अनुपातिक ढंग से अन्य फीस ली जा रही है.स्कूल के संचालकों का कहना है कि बैठक में कुछ नहीं हुआ है, सिर्फ सुनवाई की गई है. डीएसई ने हमारी परेशानियों को सुना ,अधिकारियों को जो अच्छा लगेगा निर्णय लेंगे. बता दें कि स्कूल प्रबंधन सरकार के आदेश को नहीं मान रहे हैं, सरकार का आदेश है कि कोरोना काल में केवल ट्यूशन फीस लिया जाए लेकिन कतिपय स्कूल इसे मानने को तैयार नहीं है. इसको लेकर अभिभावकों ने आंदोलन का रुख अख्तियार किए हुए है. प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी अभिभावकों ने अपनी शिकायत की है. उपायुक्त ने भी बैठक बुलाई है. देखना होगा कि इस पर आगे क्या निर्णय होता है ,वैसे जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ आज की बैठक में नहीं बुलाए जाने पर अभिभावक महासंघ ने एतराज जताया है.
4+