लोहरदगा (LOHARDAGA) : लोहरदगा जिला जंगलों और हरियाली से परिपूर्ण है. यहां के आदिवासी लोग रोजगार के लिए जंगलों पर निर्भर हैं. ये लोग पत्ता, दातुन, जंगली फल बेचकर अपना गुजर करते हैं. ऐसे में अब जंगलों में लगातार महुआ चुनने वाले कुछ लोगों के द्वारा आग लगाने की खबर सामने आ रही है. जिससे वन्यजीव के साथ-साथ वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है. देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे कुछ लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्यवाही का निदेश वनरक्षियों को दिया गया है.
जंगल में आग लगाने वाले लोगों को नहीं मिलेगी बेल
बता दें कि बक्सीडीपा स्थित वन विभाग के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसी बीच लोहरदगा वन प्रमंडल के डीएफओ अरविंद कुमार ने कहा है कि जंगल में आग लगाने वालों को अब जेल जाना पड़ेगा. इसके साथ ही उन्हें बेल भी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जानकारी प्राप्त होने के बाद तुरंत वन विभाग कर्मी कार्रवाई में जुड़ जाते हैं. आग बुझाने के साथ-साथ आग लगाने वालों को विरोध में कार्रवाई तेज कर दी गई है. डीएफओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि लकड़ी काटने वालों को बेल भले मिल जाए, लेकिन जंगल में आग लगाने वाले लोगों को कभी बेल नहीं मिलेगी.
रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा
Thenewspost - Jharkhand
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