सेवा समाप्ति के विरोध में पोषण सखियों की बैठक, सड़क से सदन तक विरोध करने का फैसला

    सेवा समाप्ति के विरोध में पोषण सखियों की बैठक, सड़क से सदन तक विरोध करने का फैसला

    दुमका(DUMKA): दुमका के पुराना समाहरणालय परिसर में झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी पोषण सखी संघ की जिला स्तरीय बैठक हुई. बैठक में जिले के सभी 10 प्रखंडों से काफी संख्या में पोषण सखी शामिल हुई. संघ के प्रदेश अध्यक्ष मानबेला मुर्मू और संरक्षक बिजय दास बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुए.  बैठक के दौरान 24 मार्च को सरकार द्वारा निर्गत उस पत्र पर विरोध जताया गया जिसमें 31 मार्च के बाद पोषण सखी की सेवा समाप्ति की बात कही गयी है. प्रदेश अध्यक्ष मानबेला मुर्मू का कहना है कि वर्ष 2015 के नोटिफिकेशन के आधार पर पोषण सखी की नियुक्ति वर्ष 2016 में हुई.  प्रदेश की 10 हजार से ज्यादा पोषण सखियों ने सरकार द्वारा जो जिम्मेदारी दी गयी बखूबी उसका निर्वहन किया.  कोरोना काल में जान की परवाह किये बगैर घर घर जाकर कार्य किया. कुपोषण मुक्त झारखंड बनाने के लिए पोषण सखियों ने बेहतर कार्य किए. अब सरकार के एक पत्र ने हजारों पोषण सखी को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया.

    सड़क से सदन तक जोरदार आंदोलन

    संघ के प्रदेश संरक्षक बिजय कुमार दास ने कहा कि पोषण सखियों की इस दुर्दशा के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक दोषी है. जब वर्ष 2017 में ही केंद्र सरकार ने पोषण सखी के लिए फण्ड देने पर रोक लगा दिया तो उसी समय राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए. लेकिन वर्षों तक राज्य सरकार द्वारा मानदेय देने के बाद अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. सरकार के इस निर्णय के खिलाफ सड़क से सदन तक जोरदार आंदोलन किया जाएगा.

    सरकार अपने निर्णय पर करे पुनर्विचार

    सरकार द्वारा सरकारी नौकरी या फिर रोजगार के मुद्दे पर वर्तमान समय में राज्य सरकार चारों तरफ से घिर रही है. महिला सशक्तिकरण की बात कही जाती है. लेकिन यहां तो सरकार के एक पत्र से ना केवल हजारों महिलाएं बेरोजगार हो रही है बल्कि महिला सशक्तिकरण अभियान को भी झटका लग रहा है. जरूरत है सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की.

    रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news