बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना बनी छलावा, पानी के लिए दिल्ली तक पदयात्रा, 21 सदस्यीय ग्रामीणों का दल जमशेदपुर से रवाना

    बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना बनी छलावा, पानी के लिए दिल्ली तक पदयात्रा, 21 सदस्यीय ग्रामीणों का दल जमशेदपुर से रवाना

    जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): बागबेड़ावासी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करते हैं. सालों से लटकी बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना के पूरा न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने 'हर घर पानी मिले' की मांग के साथ 21 सदस्यीय दल ने हरहरगुट्टू काली मंदिर, जमशेदपुर से दिल्ली की पदयात्रा शुरू की है. आज बागबेड़ा/घाघीडीह विकास समिति के बैनर तले सुबोध झा के नेतृत्व में ग्रामीणों का दल दिल्ली के लिए पैदल रवाना हो गया. 93 दिनों यानि तीन महीना तीन दिन की ये पदयात्रा दिल्ली जाकर खत्म होगी.

    क्या है पूरा मामला?

    बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना की आधारशिला तत्कालीन सीएम रघुवर दास ने 2015 में रखी थी. लेकिन, 2022 की शुरूआत तक यह धरातल पर नहीं उतर सकी. 237 करोड़ की लागत से शुरू हुई इस योजना में 211 करोड़ खर्च  हो चुके हैं. लेकिन नतीजा सिफर है. लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. योजना के फिल्टर प्लांट का भवन भी जर्जर हो चुका है. इसके अलावे बड़ौदा घाट नदी में पाईपलाईन के लिए बनाए गए दो पिलर पानी में बह चुके हैं. बागबेड़ा विकास समिति इस मुद्दे को लेकर रांची तक की पदयात्रा, छह बार विधानसभा का घेराव और तीन बार राजभवन का घेराव कर चुकी है. लेकिन, नतीजा सिफर ही रहा है.

    रिपोर्ट: अन्नी अमृता, जमशेदपुर


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