सड़क हादसे में अनाथ हुए चार नाबालिगों के लिए बढ़ने लगे मदद के हाथ, मिला आर्थिक संबल का भरोसा

    सड़क हादसे में अनाथ हुए चार नाबालिगों के लिए बढ़ने लगे मदद के हाथ, मिला आर्थिक संबल का भरोसा

    जमशेदपुर(JAMSHEDPUR)- सिर से माता पिता का साया उठ जाना हमेशा ही पीड़ादायक रहा है. इस पीड़ा को कोई चाहे कितना ही सहने की कोशिश क्यों ना करे, मगर, ना कभी यह पीड़ा दूर की जा सकती है, और ना ही इससे उबरा जा सकता है. ऐसा ही एक वाक्या पोटका प्रखंड में देखने को मिला, जहां पांच बेटे और बेटियों के सिर से उनके माता -पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया. सबसे दुख की बात तो यह रही कि पांचों बच्चों में से चार बच्चे नाबालिग हैं. इन्होंने अभी ठीक तरह से दुनिया को समझा भी नहीं था कि इन्हें दुनिया में लाने वाले ही दुनिया छोड़ गए. पर मदद के हाथ बढ़ने लगे हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को आए हितैषियों ने बच्चों को आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया.

    क्या है मामला

     हाल ही में सड़क दुर्घटना में पोटका प्रखंड के राजदोहा गांव निवासी गिरश सरदार एवं उनकी पत्नी सूर्य मोनी सरदार दोनों ही सड़क हादसा के शिकार हुए. गंभीर रूप से जख्मी  हालात में दोनों को टी.एम.एच. में भर्ती कराया गया. यहां इलाज के दौरान दोनों की ही मृत्यु हो गई. इनकी मृत्यु के बाद मंगलवार को पूर्व जिलापार्षद करुणा मय मंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे.  बच्चों से मिलकर उनका ढांढस बंधाने का प्रयास किया. वहां मौजूद उनके नाना-नानी को उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा संचालित अनाथ असहाय बच्चों के लिये विशेष योजना " स्पॉन्सरिशिप योजना " के तहत चारों नाबालिग बच्चों के लिये प्रति माह 2 - 2 हजार रुपए इनके 18 वर्ष उम्र होने तक सरकार द्वारा दिए जाएंगे. पूर्व पार्षद ने कहा कि ऐसी घटनाओं में सांत्वना के शब्द बेमायने होते हैं. पर, इन बच्चों की लंबी जिंदगी पड़ी है. हमें उसे सुरक्षित करने की जरूरत है. साथ ही यह आश्वस्त भी किया कि इन बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिलवाया जाएगा. पूर्व पार्षद के साथ तापस कुमार गोप, बीरबल सरदार, सागर सरदार आदि भी उपस्थित थे.

    रिपोर्ट : मुन्ना शर्मा , पोटका 


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