देवघर (DEOGHAR) : आधी आबादी को उनके हक़ की लड़ाई में ईमानदारी पूर्वक सहयोग करने और इसकी सालाना समीक्षा के उद्देश्य से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इसी कड़ी में देवघर जिला प्रशासन की ओर से पहल करते हुए सामाजिक कुरीतियों से महिलाओं की रक्षा करने और उन्हें स्वाबलंबी बनाने में समाज को सहयोग करने के उद्देश्य से एक शपथग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दहेज प्रथा कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह सहित ऐसी ही सामाजिक कुरीतियों के चंगुल से मातृशक्ति को मुक्त करने के लिए लोगों को शपथ दिलाई गई.
उपायुक्त ने लोगों को किया जागरूक
कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुति के जरिये मातृशक्ति की अहमियत समझाने की पूरी कोशिश की गई. कार्यक्रम में मौजूद देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन के जरिये महिलाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है. दहेज एक दानव है और इससे समाज की रक्षा करना हम सब का अहम कर्तव्य है. उपायुक्त ने महिलाओं के खिलाफ प्रचलित सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को सचेत किया. मौके पर बोलते हुए नगर आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल ने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें दहेज और भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने की सख्त जरूरत है. इसके लिए समाज को एकजुट हो कर आगे आने की जरूरत है. इस अवसर पर बिना दहेज शादी रचाने वालों को सम्मानित किया गया. साथ ही दिव्यांगों को ट्राई साईकिल भी वितरित किया गया. जिला प्रशासन की ओर से सक्षम महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर
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