100% से अधिक मुनाफा का लालच देकर करते थे ठगी, दो धराए


देवघर (DEOGHAR) - फर्जी कंपनी के नाम पर इन्वेस्टमेंट का 100 प्रतिशत से अधिक ब्याज दर का झांसा दे कर ठगी करने वाले दो शातिर जालसाजों को देवघर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल देवघर नगर थाना के विलियम्स टाउन के रहने वाले दोनों जालसाज राजीव रंजन कुमार और दिग्विजय सरकार ने लोगों से ठगी करने का एक नायाब तरीका ढूंढ निकाला. इन लोगों ने ब्लॉग बटालियन प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई औऱ लोगों से इसमें निवेश करने पर सौ प्रतिशत से अधिक मुनाफ़ा कमाने का आफर देने लगा. क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट का लालच देकर इन्होंने भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलिया,मेलबोर्न में रहने वाले शाजी जॉन को अपना निशाना बनाया और 82 लाख की ठगी कर ली. देवघर एसपी को मिले इनपुट के आधार पर जाल बिछा कर इन्हें धर दबोचा गया.
ठगी का पैसा लेकर चुकाते थे कर्ज
पूरी जानकारी देते हुए देवघर के साइबर डीएसपी सुमित प्रसाद ने बताया कि इस तरह की ठगी का पैसा ये अपना कर्ज चुकाने में खर्च करते थे. इनके पास से पुलिस ने फर्जी कंपनी के दस्तावेज सहित 6 मोबाईल फोन, 10 सिमकार्ड, 22 ATM कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड,1 पासबुक,4 चेकबुक,3 लैपटॉप,1 कैंसल चेक और 1 अमेरिकी डॉलर जब्त किए हैं. पुलिस इनसे मिले इनपुट के आधार पर और इस तरह के जालसाजों की तलाश कर रही है.
फर्जी कंपनी blog battalion pvt ltd के बने थे डायरेक्टर
इनके ठगी करने के तरीके भी अब तक जितने भी साइबर अपराधी देवघर में गिरफ्तार हुए है, उन सब से अलग है. ये दोनों शातिर एक फर्जी कंपनी blog battalion pvt ltd खोलकर अपने को डायरेक्टर बना लिए थे. फिर विदेश में रह रहे भारतीय मुल्क के लोगों को क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करने का प्रपोजल अपनी कंपनी के माध्यम से देते थे. ये लोगों को कंपनी में इन्वेस्ट करने पर 100 परसेंट का रेट ऑफ इंटरेस्ट देने का लालच देते थे. विदेश में रह रहे लोगों को और अधिक आकर्षित के लिए सिक्युरिटी के तौर पर उनके इन्वेस्टमेंट से ज्यादा का फर्जी चेक काट कर दे देते थे. इसके अलावा अपनी कंपनी का फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन का दस्तावेज भी उपलब्ध करवा देते थे जिनमें करोड़ों करोड़ रुपये का लेनदेन का रेकॉर्ड रहता था. इस फ़र्ज़ीगिरी से ये शातिर साइबर ठग विदेश में रह रहे लोगों को ठगता था. उनसे रुपए मंगवा कर अपना उधारी चुकाता था या उन रुपयों से ऐश मौज करता था. इनकी पहली प्राथमिकता में ग्लोबल इन्वेस्टर को ढूंढ कर उनको अपने बातों में फंसा कर उनसे रुपए मंगा लिया करता था.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
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