यहां बूंद-बूंद पानी को तरसे बच्चे, पग-पग पर खतरों के बीच


कोडरमा (KODARMA)- कोडरमा जिला के डोमचांच क्षेत्र में संचालित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बंगाईकला में 204 बच्चे प्रतिदिन पढ़ाई के लिए आते हैं. ये बच्चे अपने उज्ज्वल भविष्य के लिये यहां पढ़ाई करने आते हैं. लेकिन इस विद्यालय में बच्चों के लिए पानी की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है़. यहां तक कि इन बच्चों को नजदीक के आगनबाड़ी केंद्र में लगे चापाकल से भी स्वच्छ पानी पीने को नहीं मिल पाता है. विद्यालय के प्रभारी कार्तिक चंद ठाकुर बताते है़ं कि विद्यालय भवन आज तक चारदीवारी कैम्पस में तब्दील नहीं हो पाया है. साथ ही विद्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है़. विद्यालय का अपना चापाकल तक नहीं है़. पंचायत के मुखिया फंड से विद्यालय में हैंड बेसिन लगाया गया, लेकिन वह भी पानी अभाव में उपयोगहीन साबित हो गया.
बिजली का खम्भा बच्चों के लिये बना खतरा
विद्यालय भवन के नजदीक बिजली का लगा खम्भा लगने से 11 हजार वॉल्ट विद्युत सप्लाई सुचारू रूप से जारी है़. अचानक से कभी कभी लोहे के खंभे में विद्युत प्रवाह हो जाता है़. इससे बच्चे विद्युत की चपेट में ना आ जाए, इसकी हमेशा आशंका बनी रहती है़.
विद्यालय के प्रभारी और शिक्षकों की जिला प्रशासन से मांग
विद्यालय के प्रभारी और शिक्षकों ने समस्याओं को बखूबी गिनवाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से कई बार समस्याओं के समाधान के लिए गुहार लगा चुके हैं. लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हो पायी. विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे और हमलोग सभी समस्याओं से घिरे है़ं. प्रशासन से हमलोगों ने अपील की है कि जल्द हमलोगों की मदद करें.
रिपोर्ट : संजय शर्मा, कोडरमा
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