छत की बागवानी : सब्जी से चटनी, रायता, सलाद तक के लिए उगा रहे ऑर्गेनिक सब्जियां

    छत की  बागवानी : सब्जी से चटनी, रायता, सलाद तक के लिए  उगा रहे ऑर्गेनिक सब्जियां

    दुमका(DUMKA)- आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपने आप को स्वस्थ रखना हर इंसान के सामने एक गंभीर चुनौती है. खराब स्वास्थ्य का सबसे बड़ा वाहक खाद्य पदार्थों की अशुद्धता होती है. हम आप बाजार से जो भी खाद्य सामग्री खरीद कर लाते हैं उसमें शुद्धता की कोई गारंटी नहीं होती है. अधिक उत्पादन के लालच में अधिकांश किसान रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक का प्रयोग करते हैं. वहीं साग सब्जी बाजार से लाकर हम खाते हैं. जिसका प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है.

    1 वर्ष से रूफ़ किचन गार्डन का रहे काम

    ऐसी स्थिति में रूफ़ किचन गार्डन खासकर शहरी क्षेत्र में एक बेहतर विकल्प के रूप में हाल के दिनों में उभर रहा है. झारखंड की उपराजधानी दुमका में भी रूफ़ किचन गार्डन के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है. आज ऐसे ही एक शख्स से हम आपको मिलवा रहे हैं जिनका नाम है डॉक्टर राजकुमार उपाध्याय. डॉक्टर राज पेशे से वकील हैं. व्यस्तता और समय अभाव के बावजूद डॉ राजकुमार उपाध्याय विगत 1 वर्ष से रूफ़ किचन गार्डन के लिए समय निकाल ले रहे हैं. आज इनके छत पर तमाम तरह की मौसमी साग सब्जी और फल फूल उपलब्ध है. इसमें ना तो रासायनिक उर्वरक का प्रयोग हुआ है और ना ही कीटनाशक का. पूरी तरह जैविक पद्धति से छत पर उगायी गई साग सब्जी का सेवन कर रहे हैं. डॉक्टर राज के मन में कैसे आया रूफ़ किचन गार्डन का कांसेप्ट और आम लोगों के लिए क्या सलाह है, उनका आप भी जानिए.

    व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कुछ समय जरूर निकालें क्योंकि जिंदगी अनमोल है

    सपने को साकार करने में इनकी पत्नी सुमिता सिंह का अमूल्य योगदान है. सुमिता सिंह कामकाजी महिला है. उनका कहना है कि पहले राज जब सब्जी लाने बाजार जाते थे तो लौटने में काफी देरी होती थी. सब्जी के अभाव में समय पर खाना नहीं बन पाता था. नतीजा ड्यूटी जाने में देरी होती थी. लेकिन आज पलक झपकते सब्जी हाजिर हो जाती है. उनका मानना है कि रूफ़ किचन गार्डन की सब्जियां स्वादिष्ट के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होती हैं. आम लोगों के लिए उनकी नसीहत है कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कुछ समय जरूर निकालें क्योंकि जिंदगी अनमोल है.  

    जैविक खेती की शुरुआत अपने घरों से करनी होगी- सुमिता सिंह

    सुमिता सिंह ने कहा कि आज के समय में सरकार भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. ऐसी स्थिति में जैविक खेती की शुरुआत अपने घरों से करनी होगी. जरूरत है दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की.

    रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका


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