झारखंड के इस दो साल के बच्चे का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज, खासियत ऐसी कि आप भी करने लगेंगे कंप्यूटर से इसकी तुलना

    झारखंड के इस दो साल के बच्चे का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज, खासियत ऐसी कि आप भी करने लगेंगे कंप्यूटर से इसकी तुलना

    गिरिडीह  (GIRIDIH) - क्या आप दर्जन भर देशों के झंडे और करेंसी को पहचानते हैं? क्या आप दुलर्भ जानवरों और कम दिखने वाली गाड़ियों पर जानकारी रखते हैं? संभव है कि सभी जवाबों के आप जवाब नहीं दे पाएं, पर  गिरिडीह के डुमरी का एक बच्चा विराज भगत पलक झपकते ही हर सवाल का जवाब दे देता है. उम्र है महज दो साल पर दिमाग एक कंप्यूटर की तरह चलता है. जी हां,  ये बच्चा आम बच्चों से अलग है. अपनी इन्हीं खासियत की वजह से डुमरी के इसरी बाजार के रहने वाले इस बच्चे ने अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवाया है. 

    कंप्यूटर जैसा चलता है दिमाग

     जिस उम्र में बच्चे यह तक नहीं जानते कि उनके देश का नाम क्या है,  विराज भगत 15 देशों के झंडे पलक झपकते पहचान लेता है. इसके अलावा अलग-अलग देशों के रुपए को भी वह अच्छी तरह से पहचानता है. जब लोगों ने उससे जनरल नॉलेज के कई प्रश्नों को पूछा तो उसका जवाब भी बच्चे ने सही-सही दिया. उसने कम नजर आने वाली गाड़ियों को भी पहचाना. वहीं दुलर्भ पशुओं को भी पहचाना जिसे बड़े भी पहचानने में थोड़ा वक्त लगाते हैं. लेकिन विराज भगत ने बिना वक्त लगाए ही पशुओं को पहचान लिया.  इन्हीं कारणों से बच्चे का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है. इसको लेकर बच्चे के पिता शिवेश भगत ने बताया कि उनका अपना मकान उड़ीसा में भी है. यहां उड़ीसा सरकार को इसकी जानकारी होने पर सरकार ने बच्चे को पुरस्कृत करने के लिए भी बुलाया है. बच्चे के इस कारनामे के बाद पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है.

    रिपोर्ट : दिनेश कुमार गिरिडीह


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