ऐसे तो झारखण्ड का क्रशर उद्योग बंद हो जाएगा सीएम साहब !


धनबाद (DHANBAD) : झारखंड राज्य पत्थर व्यवसायी संघ ने राज्य में लघु खनिज पर प्रति वाहन 2400 रुपए टैक्स लेने का विरोध किया है. उनका कहना है कि लघु खनिज पर खनन विभाग एवं पथ निर्माण विभाग द्वारा 12 सौ रुपए प्रति चालान आने- जाने पर चेकनाका चार्ज लिया जा रहा है. उपरोक्त चार्ज माइंस से क्रशर जाने एवं आने पर 12 सौ रुपए एवं क्रशर से बाजार में बिक्री के लिए जाने एवं आने पर 12 सौ रुपए प्रति चालान कुल 24 सौ रुपए प्रति चालान टैक्स लिया जा रहा है. इसके अलावा 31 मार्च के बाद गैराबाद भूमि पर स्थित खनन पट्टा का नवीकरण नहीं होने से झारखंड के हजारों क्रेशर बंद हो जाएंगे तथा इससे जुड़े हजारों लोग बेरोजगारी झेलने को बाध्य होंगे. झारखंड राज्य पत्थर व्यवसाई संघ की प्रदेश स्तरीय सभा रविवार को धनबाद के गोविंदपुर में हुई.
झारखण्ड के सभी ज़िलों के लोग शामिल हुए
इसमें रांची समेत झारखंड के सभी 24 जिलों के प्रमुख पत्थर व्यवसायियों ने भाग लिया. अध्यक्षता साहिबगंज के पत्थर व्यवसाई चंद्रेश्वर प्रसाद सिन्हा ने की. निर्णय लिया गया कि समस्याओं के समाधान के लिए संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलेगा और अपनी समस्याएं रखेगा. इसके लिए झारखंड राज्य पत्थर व्यवसाई संघ का गठन किया गया. इसमें साहिबगंज के चंद्रेश्वर प्रसाद सिन्हा-अध्यक्ष, पलामू के अनिल कुमार सिंह - उपाध्यक्ष, कोडरमा के पंकज कुमार सिंह - सचिव, पाकुड़ के किशोर खेमानी- संयुक्त सचिव, साहिबगंज के विक्रम प्रसाद सिंह -कोषाध्यक्ष, साहिबगंज के ही भगवान भगत -उप कोषाध्यक्ष तथा चाईबासा के बासु मदनानी- विधि सलाहकार चुने गए, इसके अलावा सभी जिलों से 3--3 प्रतिनिधियों को प्रदेश कमेटी में शामिल किया गया.
खनन पट्टा रिन्युवल की भी बात उठी
संघ के सदस्यों ने कहा कि खनन पट्टा से लेकर क्रशर तक का रास्ता क्रशर संचालक खुद बनाते हैं. पूर्व में भी रॉयल्टी एवं डीएमएफटी का भुगतान करते आ रहे हैं. वर्तमान में झारखंड में रॉयल्टी की दर 708 रुपए प्रति एक सौ सीएफटी एवं डीएमएफटी 212 . 40 रूपये प्रति एक सौ सीएफटी, यानि कुल 920. 40 रुपए प्रति एक सौ सीएफटी लागू है. इसके बाद भी 24 सौ रुपए प्रति चालान गिट्टी जाने एवं आने पर यूजर चार्ज लगाया जा रहा है. जबकि पड़ोसी पश्चिम बंगाल में रॉयल्टी की दर 368 रुपए प्रति एक सौ सीएफटी है. पत्थर व्यवसायियों ने कहा कि नए यूजर चार्ज से झारखंड में पत्थर उद्योग तबाह हो जाएगा.
रिपोर्ट : सत्यभूषण, धनबाद ब्यूरो
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