सदर अस्पताल में दवाइयों की हेर फेर मामले की जांच आज से शुरू, टीम गठित


लोहरदगा (LOHARDAGA) - लोहरदगा के सदर अस्पताल परिसर से मिले लाखों की एक्सपायरी दवा के मामले में सोमवार से जांच शुरू हो रही है. डीसी दिलीप कुमार टोप्पो के निर्देशानुसार सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार सुबोध के द्वारा एक टीम का गठन कर किया गया है. गठित टीम अब जांच करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. टीम के पदाधिकारी सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर शंभू नाथ चौधरी का कहना है कि दवाइयों के ढ़ेर से कुछ ऐसी दवाई भी मिली है जिसका सदर अस्पताल से कोई सरोकार ही नहीं है. ऐसे में यह दवाएं सदर अस्पताल परिसर में कैसे पहुंची, किसने पहुंचाया और इसके पीछे कौन कौन है, इसकी उचित रुप से जांच की जाएगी. बता दें कि दवा के बैच नंबर के माध्यम से दवाइयों की हेर फेर का पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्राप्त दवाएं कहां से आई और किनकी है. वहीं जांच पूरी होने के बाद मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. अगर इसका अस्पताल से कोई सरोकार है तो किस परिस्थिति में ये दवाएं बर्बाद हुई इस बिंदु पर भी कार्रवाई होगी.
क्या है मामला
सदर अस्पताल में लाखों की दवाई अब एक्सपायरी हो चुकी है, यह वो दवाइयां थी जो सुदूरवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने से और आर्थिक नुकसान पहुंचाने से रोक सकती थी. लेकिन समय पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इनका वितरण न हो पाने से ये अब किसी काम की नहीं बची हैं. जो कि एक बड़ी समस्या बन गयी है. समय रहते इन दवाओं का वितरण ग्रामीण इलाकों में पूरी तरह से नहीं हो पाया और अब सदर अस्पताल के कबाड़ रूम में ये दवाएं अपने एक्सपायरी डेट के साथ बेकार पड़ी हुई है. कचरे के ढ़ेर में पड़ी इन एक्सपायरी दवाओं को देखकर ये साफ समझा जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जरूरतमंद लोगों के नाम पर लाखों की दवाइयां तो खरीदी जाती हैं लेकिन इसका उचित उपयोग नहीं हो पाता.
रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा
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