दुमका के श्रमिक केरल के जेल में बंद, परिजनों ने मुख्यमंत्री से लगाई मदद की गुहार


दुमका (DUMKA) : रोजगार की तलाश में दुमका से मजदूरों का पलायन कोई नई बात नहीं है. कोरोना की दूसरी लहर के बाद दुमका के कई मजदूर रोजगार की तलाश में केरल गए थे. इन लोगों को एर्नाकुलम जिला के कन्नाथूनाडु थाना के कीटेक्स गारमेंट्स लिमिटेड नामक कंपनी में रोजगार मिला था. 25 दिसंबर को क्रिसमस की रात कंपनी परिसर में ही प्रवासी श्रमिक और स्थानीय श्रमिकों के बीच झड़प हो गई. इस दौरान जमकर बवाल हुआ. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया. जानकारी के अनुसार 174 प्रवासी श्रमिकों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. इसमें 71 झारखंड के मजदूर हैं, जिनमें से 5 मजदूर दुमका जिला के हैं. केरल पुलिस द्वारा जेल भेजे गए दुमका के चंदन मरांडी, प्रदीप मुर्मू और मार्टिन हांसदा के परिजन समाहरणालय पहुंचे. परिजनों ने इस मामले में डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा.
परिजनों का कहना है कि तीनों एक ही रूम में रहते थे. घटना के वक्त तीनों अपने रूम में सोए थे. 26 दिसंबर की सुबह पुलिस तीनों को पूछताछ के नाम पर ले कर गयी और जेल भेज दिया. परिवार के सदस्यों को काफी परेशानी हो रही है. परिवार में कोई सदस्य ऐसा नहीं है जो केरल जाकर कानूनी लड़ाई लड़कर अपनों को जेल से निकलवा सके. इसलिए झारखंड सरकार इस मामले में केरल सरकार से बात कर निर्दोष श्रमिकों को जेल से छुड़ाने में मदद करें.
रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका
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