सरायकेला(SARAIKELA): जिला मुख्यालय में आज मंत्री चंपई सोरेन ने शिरकत कर नागरीय सुविधा तथा स्वास्थ्य सुविधा की करोड़ों लागत की दर्जनों योजनाओं का शिलान्यास किया. तामझाम के साथ प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के बाद सियासत भी तेज हो गई है. हेमंत सरकार की उपलब्धियों को पेश करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि और प्रशासन के लोगों के साथ सत्ताधारी झामुमो और कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हुए. लेकिन सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दिशा के चेयरमैन तथा खूंटी के सांसद केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के प्रतिनिधियों को न्योता नहीं मिलने से उनके समर्थक भाजपाई काफी नाराज हो गए. इस बाबत भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अभिषेक आचार्या, सरायकेला नगर के अध्यक्ष बद्री दरोगा और सरायकेला नगर के प्रभारी सोहन सिंह द्वारा संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर इस कार्यक्रम के कई बिंदुओं पर गहरी नाराजगी जाहिर की गई. भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अभिषेक आचार्या ने कहा कि नगर विकास के किसी भी योजना में सिर्फ झारखंड सरकार का ही पैसा नहीं होता है, बल्कि केंद्र सरकार का भी पैसा होता है. इसलिए इसका क्रेडिट किसी एक का नहीं हो सकता. वही उन्होंने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम था लेकिन उनके साथ पक्षपात किया गया है. स्थानीय सांसद व दिशा के चेयरमैन केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के प्रतिनिधियों को बुलावा नहीं भेजना काफी गलत है. इसकी वे कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं.
सरकार खुद कोरोना नियमों का कर रही उल्लंघन
इस कार्यक्रम के आयोजन पर सवाल खड़ा करते हुए अभिषेक आचार्य ने कहा कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के बीच राज्य सरकार ने खुद कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का दिशा निर्देश दिया है. इस कार्यक्रम के जरिए भीड़ जुटाकर सरकार गाइडलाइन का कर रही है. सरकार एक तरफ आम लोगों और भाजपाइयों द्वारा आयोजित कार्यक्रम पर रोक लगाती है और कार्यक्रम आयोजित करने पर केस दर्ज करती है. मगर खुद जब वह कार्यक्रम आयोजित करती है तो सब ठीक रहता है. ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इसमें कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन मामले को लेकर जांच की जानी चाहिए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
रिपोर्ट: विकास कुमार, सरायकेला
Thenewspost - Jharkhand
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