धनबाद(DHANBAD): भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को अल्पसंख्यक समुदाय के अर्ध विक्षिप्त को पीटने, थूक चटवाने व जबरन जय श्री राम बोलवाने के मामले को लेकर जहां भाजपा पूरी तरह से बैकफुट पर है और आरोपी भाजपा नेता भूमिगत हो गए हैं और अपने अपने आकाओं से बचाने का गुहार कर रहे हैं इस बीच आज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का एक प्रतिनिधिमंडल धनबाद एसएसपी संजीव कुमार से मिला और कहा कि धरना में माननीय सांसद और विधायक भी शामिल थे. इसलिए उनसे भी पूछताछ होनी चाहिए. अगर तथ्य मिले तो प्राथमिकी में उनका नाम भी दर्ज होना चाहिए. इन मांगों को लेकर एसएसपी को झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने एक ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें इस घटना को मॉब लिंचिंग बताया गया है. एसएसपी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि कल जैसे ही घटना की सूचना मिली, जिला पुलिस की पांच टीमें एएसपी मनोज स्वर्गियरी के नेतृत्व में कल रात से ही छापामारी कर रही है. अब तक 2 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. एसएसपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी निर्दोष को ना तो फंसाया जाएगा और ना ही किसी दोषी को छोड़ा जाएगा.
पीड़ित के भी ने बताई पुलिस को पूरी कहानी
बता दें कि कल ही पीड़ित के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराकर कहा था कि 7 जनवरी को मिश्रित भवन चौराहा के सामने से उसका भाई गुजर रहा था. जहां भाजपा का धरना चल रहा था. उसने बताया कि उसका भाई मानसिक रोगी है और 8-10 वर्षों से उसका इलाज चल रहा है. भीड़-भाड़ और भाषण सुनकर वह रूक गया और देखने लगा. तभी धरना स्थल से अचानक चिरागोरा निवासी जयंत सिंह चौधरी, दहिया निवासी पिंटू सिंह, पांडवपारा निवासी बबलू सहाय, दुआ डी निवासी तमाल राय और जितेंद्र साहू समेत 8 से 10 लोग बाहर आए और यह कहते हुए उसके भाई पर टूट पड़े की यह पठान सूट पहना हुआ मुसलमान है, मारो इसको. इसके बाद उसकी पिटाई कर दी गई. इसके बाद उससे ‘जय श्री राम’ का नारा लगवाया गया. इस दौरान उसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गई. इस शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
मुख्यमंत्री ने दोषियों पर सख्त कारवाई का पुलिस को दिया निर्देश
इस घटना पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी नाराज हैं और कल ही उन्होंने ट्वीट के माध्यम से धनबाद के डीसी और एसएसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया है. इधर भाजपा के द्वारा सिटी सेंटर गांधी चौक के पास शुक्रवार को आयोजित सद्बुद्धि मौन धरना के आयोजन के लिए प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं इसकी भी जांच की जा रहीं है. धनबाद एसडीएम प्रेम कुमार तिवारी ने बताया कि इंसिडेंट कमांडर से रिपोर्ट मंगाई जा रहीं है. इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई हो सकती है. अगर अनुमति के बग़ैर धरना हुआ है तो प्राथमिकी भी दर्ज़ हो सकती है. कोरोना नियमों के तहत फिहलाल रैली और धरना प्रदर्शन पर रोक है. इधर धनबाद की सदर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार दोनों भाजपा कार्यकर्ता को सदर अस्पताल में मेडिकल टेस्ट कराकर कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो हेड(धनबाद)
Thenewspost - Jharkhand
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