शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन : सहयोग के रूख में विपक्ष, इस मसले पर अपने ही विधायक ने सरकार को घेरा

    शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन : सहयोग के रूख में विपक्ष, इस मसले पर अपने ही विधायक ने सरकार को घेरा

    रांची (RANCHI) : शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन बुधवार को  सदन में विपक्ष ने शांति प्रदर्शन के साथ साथ सुचारू रूप से सदन की कार्यवाही चलने में सहयोग कर रही. सदन की पहली पाली में ही पक्ष के ही विधायक  लोबीन हेंब्रम ने शराब के मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में छत्तीसगढ़ मॉडल पर शराब बेचने के लिय सरकार सोच रही है. मैं शिबू सोरेन का चेला हूं. यह कतई नहीं बर्दाश्त करूंगा.  दरअसल एक दैनिक अखबार इस बाबत एक खबर छपी थी. उसपर ही  लोबीन हेंब्रम ने यह बात कही.

    इन पर भी हुई बात

    वहीं गुरुजी की बड़ी बहू सीता सोरेन ने पोषण सखी की मानदेय की बातों को सदन में रखा और मंत्री से समय की मांग की. सदन से पूर्व बाहर में धरने पर भी सीता सोरेन बैठी थीं. प्रदीप यादव ने स्लॉटर हाउस पर सवाल किया. उन्होंने जांच की भी मांग की. प्रदीप यादव ने नई यूनिवर्सिटी में संशोधन की बात करते हुए IGNTU अमरकंटक  विश्वविद्यालय  के तर्ज पर ध्यान देना चाहिए. कहा कि उससे भी हमें कुछ जनजातीय विश्वविद्यालय में संशोधन करते हुए प्रवर समिती में डालना चहिए. विभागीय मंत्री  मिथिलेश ठाकुर ने इसे प्रवर समिती में भेजने का औचित्य नहीं समझा. वहीं बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने जेपीएससी और जेएससीसी में आनेवाली नियुक्तियों से पूर्व OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण एक से दो महीने के अंदर पूरा करने का मांग की.

    कैसा रहा पिछला 4 दिन शीतकालीन सत्र का

    पिछले 4 दिन का सदन हंगामेदार रहा. विपक्ष के द्वारा सदन में जेपीएससी का मुद्दा छाया रहा.5वें दिन सदन में 3 विधेयक को भी स्वीकृति मिली है. विपक्ष के विधायक मनीष जायसवाल को भी  दूसरे पाली में सदन के अंदर प्रवेश की अनुमति मिली. शांति से सदन की कार्यवाही अभी भी चल रही है.


    रिर्पोट: रंजना कुमारी (रांची ब्यूरो)


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