45 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी मवेशियों का चारागाह ही रहा बस स्टैंड !

    45 लाख रुपए खर्च होने के बाद भी मवेशियों का चारागाह ही रहा बस स्टैंड !

    पलामू (PALAMU) : मेदिनीनगर में नगर निगम द्वारा 99 लाख 50 हजार रुपए की लागत से बस स्टैंड निर्माण के लिए निविदा प्रकाशित की गयी. मगर 14 वर्ष गुजर गए, निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका. वहीं अधूरे निर्माण पर 45 लाख रुपए की  राशि भी संवेदक द्वारा निकाल ली गयी. 

       शहर के बीच में है बस स्टैन्ड, ट्रैफिक पर पड़ता है असर  

     आबादी तेजी से बढ़ रही है. छोटे-बड़े वाहनों की संख्या में भी इजाफा हो रही है. बावजूद पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर की संसाधन के रूप में तरक्की नहीं हो रही है.  वर्षों से शहर के बीच बस स्टैंड का संचालन हो रहा है. अन्तर्राजीय बस सेवा छत्तीसगढ़ व बिहार को छोड़ महज रांची के लिए लगभग चार दर्जन बस रवाना होती है. शहर की संकीर्ण सड़कों पर यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने में बसों का आवागमन भी एक मुख्य बाधा है.  बावजूद तत्काल शहर से नजदीक दूसरी जगह बस स्टैंड की व्यवस्था कराए जाने संबंधित कोई कठोर कदम नहीं उठाया गया.            

                                                                                                                                                
      2006 में नगर निगम द्वारा बस स्टैंड निर्माण के लिए हुआ था टेंडर             

     वर्ष 2006 में बैरिया चौक के समीप बस स्टैंड शिफ्ट कराने की कवायद की गई. 99 लाख 50 हजार रुपए की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कराने के लिए नगर निगम प्रबंधन की ओर से निविदा प्रकाशित की गई थी.  यह कार्य गंगा कंस्ट्रक्शन को मिला था.  इसके तहत शेड निर्माण के अलावा बसों के लिए पार्किंग जोन, फर्श निर्माण आदि कार्य कराया जाना था.  धरातल पर हुए कार्य के बदले 45 लाख रुपए की निकासी भी हो चुकी है.  करार के 14 वर्ष गुजर चुके हैं.  बावजूद अब तक इसे पूर्ण नहीं कराया जा सका.  अमली जामा नहीं पहनाए जाने के कारण वर्तमान में यह स्थल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ा है.  कहा जा सकता है कि 45 लाख बर्बाद होने के बाद भी बैरिया बस स्टैंड आबाद नहीं हुआ. बैरिया बस स्टैंड को लेकर कई लोगों ने स्थानीय विधायक और मेयर के ऊपर आरोप लगाया कि मेयर और विधायक चाहते तो बस स्टैंड बैरिया शिफ्ट हो सकता था.  मगर इनकी ओछी राजनीति के कारण आज तक बस स्टेंड बैरिया नहीं आ सका. आए दिन शहर वासियों को जाम जैसी स्थिति का सामना करना है.  कइयों की माने तो अगर बस स्टैंड बैरीया शिफ्ट हो जाता तो यहां कई लोगों को रोजगार भी मिल सकता था, जो आज  रोजगार के लिए भटकते रहते हैं. मामले में नगर आयुक्त समीरा एस का कहना है कि बैरिया बस स्टैंड तक सड़क नहीं होना मुख्य कारण है. इसी कारण बस स्टैंड शिफ्ट नहीं हो सका है. 

    रिपोर्ट : राजीव रंजन (पलामू )


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