रांची में दो गुना हुआ वाटर टैक्स, विरोध में धरना पर बैठीं मेयर आशा लकड़ा

    रांची में दो गुना हुआ वाटर टैक्स, विरोध में धरना पर बैठीं मेयर आशा लकड़ा

    रांची (RANCHI ) रांची नगर निगम क्षेत्र में जल कर लागू करने के लिए निगम परिषद से स्वीकृति लेना अनिवार्य है. परिषद की बैठक में सभी सदस्यों ने जल टैक्स में की गई वृद्धि का विरोध कर इसे अस्वीकृत किया है, फिर भी नगर आयुक्त ने राज्य सरकार की अधिसूचना को जबरन लागू कर दिया. उक्त बातें रांची मेयर आशा लकड़ा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बुधवार को कही. आशा लकड़ा जल टैक्स में हुई वृद्धि को लेकर वर्तमान सरकार की नीतियों के खिलाफ राज भवन के समीप एक दिन के धरने में शामिल हुईं. इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की. एक सवाल के जवाब में मेयर ने कहा कि मैं जनता के बीच से  चुन कर आई हूं. सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरूंगी.

    जल टैक्स की नई नियमावली 

     APL/BPL के 5000 लीटर तक ही जल कर में छूट दी गई है.  पूर्व में APL/BPL को 06 रुपए की दर पर शुद्ध  पेयजल दिया जा रहा था. अब Apl/BPL को 5000 से 50 हज़ार लीटर जल के लिए 09 रुपए प्रति किलो लीटर की दर से भुगतान करना होगा. 50000 लीटर से अधिक जल का उपयोग करने पर 10.80 रुपए प्रति  लीटर की दर से भुगतान करना होगा. रांची नगर निगम क्षेत्र की जनता को 1.5 से 2 गुना अधिक जल कर का भुगतान करना होगा. एपीएल को पूर्व में मात्र ₹500 में और बीपीएल को नि:शुल्क वाटर कनेक्शन दिया जा रहा था. अब राज्य सरकार की नई नियमावली के तहत उन्हें न्यूनतम दर 7000 एवं अधिकतम ₹42000 का भुगतान करना होगा. जनहित को ध्यान में रखते हुए मेयर ने शहरवासियों से आग्रह किया कि 17 नवंबर को अपने-अपने बस्ती व मोहल्ले में कोविड  गाइडलाइन का पालन करते हुए जल कर नई नियमावली का विरोध करें. 


    रिपोर्ट : अभिनव कुमार (रांची ब्यूरो )


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