झारखंड में बंद होने के कगार पर 108 एंबुलेंस सेवा, जानिए क्यों नहीं की जा रही अवधि विस्तार, क्या है वजह

    झारखंड में बंद होने के कगार पर 108 एंबुलेंस सेवा, जानिए क्यों नहीं की जा रही अवधि विस्तार, क्या है वजह

    धनबाद(DHANBAD): तो क्या 108 की एंबुलेंस सेवा धनबाद सहित पूरे प्रदेश में बंद हो जाएगी. यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि एग्रीमेंट  खत्म हो जाने के बाद भी अवधि विस्तार नहीं किया गया है. बता दें कि धनबाद में 48 समेत पूरे प्रदेश में 337 एंबुलेंस हैं. नवंबर 2017 में इसकी शुरुआत की गई थी .2022 तक सरकार के साथ करार था. 14 दिसंबर को इसका कार्यकाल समाप्त हो गया है. एजेंसी का कहना है कि पिछले नवंबर माह में ही अवधि खत्म हो गई थी लेकिन एक माह का समय बढ़ाया गया था. इस बार भी  समय बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है. समय बढ़ाने का आदेश मिला तो 108 एंबुलेंस फिर से मरीजों की सेवा दे पाएगी अन्यथा बंद कर दी जाएगी. आपको बता दें कि कई महीने से बिल का भुगतान नहीं हुआ है. इस कारण से एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवरों को तनख्वाह भी नहीं मिली है. चालको का यह भी कहना है कि 3 माह से तनख्वाह नहीं मिली है. चौथा महीना चल रहा है. घर परिवार चलाने में काफी परेशानी हो रही है.  बता दें कि 108 पर कॉल करते ही मरीज को घर से सरकारी अस्पताल तक ले जाने के लिए निशुल्क सुविधा राज्य सरकार की ओर से दी जाती है. वहीं, अगर अस्पताल के डॉक्टर बेहतर इलाज के लिए कहीं रेफर करते हैं तो दूसरे अस्पताल तक मरीज को एंबुलेंस से निशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था है. इसे मरीजों को बहुत फायदा होता है लेकिन लगता है कि अब इस पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं और तत्काल अवधि विस्तार नहीं हुआ तो यह सेवा बंद हो सकती है.

    रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद 


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