देवघर : नियोजन नीति के रद्द होने पर युवाओं में आक्रोश, किया सीएम का पुतला दहन

    देवघर : नियोजन नीति के रद्द होने पर युवाओं में आक्रोश, किया सीएम का पुतला दहन

    देवघर (DEOGHAR) : झारखंड सरकार की नियोजन नीति को हाई कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है. इससे नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं को काफी आघात लगा है. नियोजन नीति के खारिज होने से झारखंड सरकार की मंशा पर अब सवाल उठने लगे हैं. जब से नियोजन नीति खारिज हुआ है, तब से झारखंड में युवाओं द्वारा सरकार के नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चालू है. इसी कड़ी में सेमवार को देवघर में सैकड़ों युवा सड़क पर उतरे और जमकार विरोध प्रदर्शन किया. इसमें बड़ी संख्या में युवती भी शामिल थी. यह विरोध जुलूस स्थानीय वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू होते हुए टॉवर चौक पर जाकर समाप्त हुई.

    सरकार की नीतियों पर उठे सवाल

    जुलूस यात्रा के दौरान युवाओं से झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. युवक,युवतियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की गई. छात्रों द्वारा निकाली गई आक्रोश रैली टावर चौक पर हेमंत सरकार का पुतला दहन कर छात्र छात्राओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की. आक्रोश रैली में शामिल छात्र छात्राओं द्वारा हेमंत सरकार की नीतियों पर कई गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं. इनकी माने तो झारखंड की वर्तमान सरकार रोजगार नही देने का मन बना लिया है. यह सरकार नियोजन के नाम पर सिर्फ छलावा कर रही है, जो यहां के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का काम कर रही है. सरकार की नियोजन नीति इसका प्रमाण है. इन लोगों द्वारा जल्द सरकार से नियोजन नीति में सुधार कर फिर से बहाली प्रकिया निकालने का आग्रह किया गया है. नियोजन नीति में 10 वीं और 12 वीं की पढ़ाई झारखंड से होने की बात कहीं गई थी.

    न्यायधीश डॉ. रविरंजन की अदालत में हुई थी सुनवाई

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) नियुक्ति नियमावली को चुनौती देने को लेकर दायर याचिका पर  शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट ने अपना फैसला शुक्रवार को सुनाया था. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश डॉ. रविरंजन और न्यायधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सभी पक्षों की ओर से बहस और दलीलें सुनने के बाद नियोजन नीति पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था. अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021 में पारित नियोजन नीति (JSSC रूल्स संशोधन) को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही रमेश हांसदा की ओर से दाखिल याचिका को अदालत ने स्वीकार कर लिया है. झारखंड हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों की बृहद पीठ ने यह फ़ैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब वैसे अभ्यर्थी भी JSSC  द्वारा ली जाने वाली नियुक्ति प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं. जिन्होंने झारखंड के बाहर दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई की है.

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर


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