सेंदरा 2026: शिकार पर्व पर इस बार रहेगा सख्त पहरा, दलमा में बढ़ेगी चौकसी

    सेंदरा 2026: शिकार पर्व पर इस बार रहेगा सख्त पहरा, दलमा में बढ़ेगी चौकसी

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): आदिवासियों के सेंदरा पर्व (शिकार पर्व) पर इस बार दलमा में सख्त पहरा रहेगा. वन विभाग का प्रयास रहेगा कि दलमा के जंगलों में जंगली जानवरों का शिकार ना हो. विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. दलमा के जंगलों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी. कहीं भी शिकारी दिखेंगे तो वन विभाग के कर्मी वहां जाएंगे और उन्हें जंगल से वापस भेजेंगे. वही, बहरागोड़ा से लेकर चांडिल तक कुल 11 चेकनाके बनाए जाएंगे. जहां वन विभाग के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहेंगे. इन चेकनाकों पर विभिन्न जगहों से आने वाले शिकारियों को रोका जाएगा. हथियार जब्त किए जाएंगे. इधर, आदिवासी समाज ने भी सेंदरा को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. दलमा राजा राकेश हेंब्रम का कहना है कि अलग-अलग जगहों से सैकड़ों शिकारी दलमा में जुटेंगे. शिकारी जंगल में जाएंगे और अपनी परंपरा का निर्वाह करेंगे. आदिवासी समाज 27 अप्रैल को दलमा में सेंदरा पर्व मनाएगा. 

    जंगल में चलेगा सघन जांच
    शिकार पर्व के दौरान दलमा के जंगलों सघन जांच अभियान चलेगा. वनकर्मी पूरे जंगल में गश्त करेंगे. शिकारियों के पास से जाल और अवैध हथियार जब्त किए जाएंगे. कई आईएफएस ऑफिसर भी दलमा में डेरा डालेंगे. जानकारी हो कि गस्त के दौरान वनकर्मी और शिकारियों के बीच कई बार झड़प की स्थिति बन जाती है. पिछली बार भी वनकर्मी और शिकारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी थी. विभाग ने कई जाल और अवैध हथियार शिकारियों के पास से बरामद किया था. 

    कल वन विभाग के साथ होगी बैठक
    सेंदरा को लेकर वन विभाग और सेंदरा समिति होगी. यह बैठक 20 अप्रैल को दलमा राजा के परसुडीह के गदडा स्थित आवास पर होगी. वन विभाग द्वारा आदिवासी समाज के लोगों को जंगली जानवरों के महत्व के बारे में बताया जाएगा. उनसे शिकार न करने की अपील की जाएगी. वहीं, आदिवासी समाज के लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को वन विभाग के समक्ष रखेंगे. 



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