धनबाद(DHANBAD): धनबाद अभी राजनीति की प्रयोगशाला बना हुआ है. जितने लैबोरेट्री टेस्ट हो रहे हैं, यह महज संयोग है अथवा कोई प्रयोग, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा. अभी सांसद ढुल्लू महतो और पूर्व सांसद पीएन सिंह के बीच की निकटता चर्चे में है ही, तब तक निरसा विधायक और धनबाद सांसद की चर्चा फिर शुरू हो गई है. लोग पूछ रहे हैं कि यह कोई संयोग है अथवा प्रयोग. निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने ऐलान कर दिया है कि अब उनके विधानसभा क्षेत्र में अवैध कोयला, लोहा, बालू, लॉटरी टिकट, गोवंश तस्करी का अवैध काम बर्दाश्त से बाहर हो गया है. उन्होंने 20 अप्रैल से सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है,
विधायक ने सड़क पर उतरने की कर दी है घोषणा
उन्होंने चेतावनी दी है कि 20 अप्रैल से पूरे विधानसभा क्षेत्र में 6 जगह पर नाका लगाकर अवैध कारोबार को सीधे तौर पर रोकने का काम वह खुद और उनका दल करेगा. विधायक का कहना है कि लगातार वह अवैध कारोबार को रोकने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस कथित रूप से अवैध कारोबार को संरक्षण दे रही है. अवैध कारोबार रुकने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. उन्होंने यह भी घोषणा कर दी है कि उनके दल के लोग किन-किन जगहों पर नाका लगाएंगे और अवैध कारोबार को रोकेंगे. इस काम में वह आगे -आगे रहेंगे.
धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने केंद्रीय कोयला मंत्री को दिया पत्र
इधर ,धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने केंद्रीय कोयला मंत्री के दरबार में कतरास और कई जगहों पर अवैध खनन के चलते उत्पन्न भयानक स्थिति की शिकायत की है. उन्होंने पत्र में कहा है किधनबाद के कतरास, टांड़ाबाड़ी एवं सोनारडीह सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण भयावह स्थिति हो गई है. लगातार हो रही घटनाएं कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि बीसीसीएल प्रबंधन एवं सुरक्षा तंत्र की संस्थागत विफलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं. उन्होंने उल्लेख किया कि कतरास, टांड़ाबाड़ी, सोनारडीह, महुदा, केशरगढ़, निरसा, गोपीनाथपुर एवं गोवर्धनाटांड़ जैसे क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है और हजारों परिवार जमीन धंसने के खतरे के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं.
अवैध सुरंगों के माध्यम से कोयले की हो रही चोरी
सांसद ने अपने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि अवैध सुरंगों के माध्यम से कोयले की बड़े पैमाने पर चोरी हो रही है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. बाहरी माफिया तत्वों का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है. उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद इस प्रकार का अवैध उत्खनन जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है और यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है.
सांसद ने बीसीसीएल को सवालों के घेरे में खड़ा किया
बीसीसीएल द्वारा सुरक्षा मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों की अनदेखी ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील एवं खतरनाक बना दिया है. सांसद ने अपने पत्र के माध्यम से इस पूरे प्रकरण पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बीसीसीएल के संबंधित अधिकारियों एवं सुरक्षा प्रभारियों को जवाबदेह ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व चोरी, आपराधिक षड्यंत्र एवं लोक उपेक्षा जैसे गंभीर प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने, उच्चस्तरीय विशेष जांच दल द्वारा निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा एवं सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है.


