रांची की नीतू ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर बनकर बढ़ाया झारखंड का मान

    रांची की नीतू ने रचा इतिहास,  अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर बनकर बढ़ाया झारखंड का मान

    रांची(RANCHI): राजधानी के हरदाग क्षेत्र की रहने वाली नीतू कुमारी महतो ने झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. उन्होंने हॉकी में अंपायर के रूप में अपनी अलग पहचान बनाते हुए राज्य को गौरवान्वित किया है. नीतू झारखंड की दूसरी महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर बन गई हैं, जो राज्य के खेल इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

    नीतू कुमारी को 29 मई से 6 जून तक जापान के काकामिगहारा में आयोजित होने वाले U18 एशिया कप 2026 में अंपायरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह अवसर उनके करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जहां वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी.

    नीतू का परिवार शुरू से ही हॉकी से जुड़ा रहा है, जिसका उनके खेल जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा. उनकी मां दुलारी टोपनो राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी रह चुकी हैं और वर्तमान में कोच के रूप में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रही हैं. नीतू की शुरुआती ट्रेनिंग भी उनकी मां के मार्गदर्शन में ही हुई थी, जिससे उनकी नींव मजबूत बनी.

    उनके परिवार में खेल का माहौल हमेशा से रहा है. उनकी बहनें कंचन कुमारी और रानी कुमारी तथा भाई विजय महतो भी हॉकी से जुड़े खिलाड़ी हैं. इस खेल-प्रेमी माहौल ने नीतू के करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. दिलचस्प बात यह भी है कि दुलारी टोपनो की ही एक अन्य पूर्व शिष्या खिली कुमारी भी इस एशिया कप में भारतीय टीम की गोलकीपर के रूप में हिस्सा ले रही हैं, जिससे यह उपलब्धि और भी खास बन जाती है.

    हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला सिंह ने नीतू की इस सफलता को मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया और कहा कि उन्होंने अंपायरिंग के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है. महासचिव विजय शंकर सिंह ने भी इसे झारखंड हॉकी के लिए गर्व का क्षण बताया. वहीं हॉकी रांची के अध्यक्ष माइकल लाल और सचिव जयंत केरकेट्टा ने नीतू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. इससे पहले असरिता टोप्पो झारखंड की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी अंपायर बनी थीं.

     



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