हजारीबाग: बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती केस सुलझा, 4 किलो सोना लूटने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश

    हजारीबाग: बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती केस सुलझा, 4 किलो सोना लूटने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश

    हजारीबाग (HAZARIBAGH): झारखंड के हजारीबाग जिले अंतर्गत बरही स्थित 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में हुई करोड़ों की सनसनीखेज डकैती मामले को पुलिस को सफलता मिली है. इस बड़ी सफलता के पीछे झारखंड पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) का एक सुनियोजित संयुक्त अभियान रहा. वाराणसी के सारनाथ (सिंहपुर) इलाके में घेराबंदी कर पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज, सौरभ और अफजल के रूप में की गई है. यह गिरोह काफी समय से पुलिस की रडार पर था और इनकी गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

    पुलिस की इस छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर लूट का सामान भी बरामद किया गया है. बरामद सामानों में 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद और डकैती के दौरान इस्तेमाल की गई एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी शामिल है. उल्लेखनीय है कि इस शातिर गिरोह ने बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में धावा बोलकर लगभग 4 किलो सोना और 42 लाख रुपये नकद की बड़ी डकैती को अंजाम दिया था. घटना के बाद से ही हजारीबाग पुलिस की कई टीमें तकनीकी सेल की मदद से आरोपियों के ठिकानों का पता लगा रही थीं. अंततः सटीक सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर यूपी एसटीएफ के सहयोग से वाराणसी में इन्हें पकड़ने में सफलता मिली.

    फिलहाल, गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड हासिल की है, जिसके बाद टीम उन्हें लेकर हजारीबाग के लिए रवाना हो गई है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों को हजारीबाग लाकर कड़ी पूछताछ की जाएगी. इस पूछताछ से न केवल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों के छिपने के ठिकानों का पता चलने की उम्मीद है, बल्कि शेष बचे हुए सोने और नकदी की बरामदगी के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं. पुलिस इस मामले में अन्य अंतरराज्यीय लिंक की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.



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