Jharkhand Politics:" लेटर बम" तो अभी फटा ही था कि झामुमो विधायक ने आखिर क्यों लिया यू टर्न,पढ़िए इस रिपोर्ट में

    Jharkhand Politics:" लेटर बम" तो अभी फटा ही था कि झामुमो विधायक ने आखिर क्यों लिया यू टर्न,पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के गठबंधन पर खतरा बढ़ा तो "लेटर बम" को ही झुठला दिया गया. पत्र को फर्जी बता दिया गया. सवाल उठता है कि पत्र फर्जी है या  दबाव में मुकर गए हैं विधायक समीर मोहंती .भाजपा को इस "लेटर बम" को लपकने का मौका मिल गया है.

    भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता  ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि लिफाफे पर "डाका" पड़ा है. उन्होंने कहा है कि हद कर दी कांग्रेसियों ने. अब तो झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस में मौसेरे भाई का रिश्ता स्पष्ट हो गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के जमशेदपुर के प्रत्याशी समीर मोहंती ने जमशेदपुर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे पर बूथ खर्च के लिए दिए गए चुनावी लिफाफे में "डाका" डालने का आरोप लगाया है .खैर, भाजपा को तो लपकना था, भाजपा लपकेगी ही, लेकिन बहरागोड़ा के विधायक और जमशेदपुर लोकसभा सीट से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी रहे समीर मोहंती 24 घंटे में ही क्यों यू टर्न ले लिया. यह बड़ा सवाल है.क्या हुए ट्रोल से डर गए,क्या भाजपा में जाने की चर्चा से संकट में पड़ गए या ऊपर से इतना अधिक दबाव पड़ा कि टूट गए और अपने ही पत्र को साजिश बता दिया. इतना तो तय है कि यह पत्र झारखंड की राजनीति में कई सवाल खड़े करेगा.

    शनिवार को विधायक ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में बूथ मैनेजमेंट के नाम पर उन्होंने किसी को ₹1 भी नहीं दिया और ना ही कांग्रेस और झामुम के केंद्रित नेतृत्व से किसी के खिलाफ कोई लिखित शिकायत की है. साजिश के तहत किसी व्यक्ति या विरोधी संगठन के लोगों ने उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की है.गठबंधन के बीच दरार पैदा करने के मकसद से इस तरह की हरकत की गई है. विधायक ने दावा कर दिया कि किसी ने उनके नाम से फर्जी पत्र जारी किया है. पत्र में किया गया हस्ताक्षर उनका नहीं है. पत्र की सच्चाई की जांच के लिए उन्होंने उपायुक्त से बात की है, ताकि जांच हो सके. लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के सभी राजनीतिक संगठनों ने अपने स्तर से काफी मेहनत की. इसके लिए वह सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हैं.

    क्या था मामला

    बता दे कि विधायक समीर मोहंती के लेटर पैड पर उनके हस्ताक्षर से कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व को एक शिकायत पत्र भेजा गया था. पत्र में कहा गया था कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे को पूर्वी जमशेदपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिबूथ₹6000 के हिसाब से बूथ मैनेजमेंट कार्यक्रम और रैली के लिए 25 लाख रुपए दिए थे. लेकिन  केवल कुछ बूथों पर ₹4000 ही  दिए गए.    सभी बूथों पर पोलिंग पार्टी नहीं बैठाई गई थी. उन्होंने  ऐसे जिला अध्यक्ष को हटाने तक की मांग कर दी थी .लेकिन अब वह यू टर्न ले लिए हैं और पत्र को ही फर्जी बता रहे हैं. यह पत्र वायरल होने के बाद धनबाद कोयलांचल में भी इसकी खूब चर्चा चल रही है. लोग अपने-अपने ढंग से इसका गुणा भाग कर रहे हैं. हो सकता है कि सामने विधानसभा चुनाव को देखते हुए विधायक समीर मोहंती पर दबाव पड़ा हो और उन्होंने बचने का एक नया रास्ता निकाल लिया हो. झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा मिलकर चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में विधायक का यह पत्र किसी बड़े विवाद का रूप नहीं ले ले, इसलिए शायद दबाव में ही सही, विधायक ने यू टर्न ले लिया है. लेकिन इस पत्र का प्रभाव आगे कहीं ना कहीं दिखेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है. भाजपा को तो हमला बोलने का एक हथियार मिल गया है. जमशेदपुर पूर्वी सीट कई मायनों में महत्वपूर्ण है. 2019 में इसी विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री रहते हुए रघुवर दास चुनाव हार गए थे. फिलहाल वहां से सरयू राय निर्दलीय विधायक हैं.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो


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