गिरिडीह: ईसरी बाजार में बेकाबू ट्रक ने 5 को रौंदा, कई घायल, भारी वाहनों की नो एंट्री की मांग तेज

    गिरिडीह: ईसरी बाजार में बेकाबू ट्रक ने 5 को रौंदा, कई घायल, भारी वाहनों की नो एंट्री की मांग तेज

    गिरिडीह(GIRIDHI): के ईसरी बाजार में शुक्रवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने बाजार में कई वाहनों और राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं. घायलों का इलाज डुमरी और धनबाद के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.

    हादसा चालक की लापरवाही और कथित नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण हुआ. बताया जा रहा है कि ट्रक को गिरिडीह की ओर जाना था, लेकिन चालक गलती से ईसरी बाजार की तरफ मुड़ गया. बाजार में भीड़ देखकर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और पुल के पास खड़े कई वाहनों को टक्कर मार दी. इस दौरान सड़क किनारे मौजूद लोग भी ट्रक की चपेट में आ गए.

    हादसे में कई दोपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. मृतकों में नावातांड निवासी कारी इरशाद अंसारी, घुटवाली निवासी संतोष कुमार महतो, पंचायत सचिव सुजीत कुमार और रंजीत कुमार तथा टहल साव का नाम शामिल है. प्रशासन ने सभी मौतों की पुष्टि कर दी है. सुजीत कुमार और रंजीत कुमार बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत थे.

    ईसरी बाजार क्षेत्र जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है. यहां सब्जी मंडी, व्यावसायिक बाजार और पारसनाथ रेलवे स्टेशन होने के कारण हर समय भारी भीड़ रहती है. ऐसे में लोगों का सवाल है कि आखिर कोयले से लदा भारी वाहन बाजार के अंदर कैसे पहुंच गया, जबकि इस इलाके में कोयले का कोई व्यापारिक केंद्र नहीं है.

    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध रोक लगाने की मांग तेज कर दी है. लोगों का कहना है कि पहले भी इसी इलाके में बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

    हादसे की सूचना मिलते ही जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव डुमरी रेफरल अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना. उन्होंने अधिकारियों को इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. वहीं प्रशासन और पुलिस की टीम रातभर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रही.

    दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के नीचे फंसे वाहनों को हटाने के लिए दो जेसीबी और दो क्रेन की मदद ली गई. देर रात करीब तीन बजे पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रक हटाया गया. लोगों को आशंका थी कि ट्रक के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं, लेकिन वहां केवल क्षतिग्रस्त दोपहिया वाहन मिले. घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया.

    रिपोर्ट- दिनेश कुमार रजक



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