अगर आपकी नींद 6 घंटे से कम है, तो संभल जाइए, वरना दिल के लिए बन सकती है खतरनाक घंटी!

    अगर आपकी नींद 6 घंटे से कम है, तो संभल जाइए, वरना दिल के लिए बन सकती है खतरनाक घंटी!

    टीनपी डेस्क (TNP DESK): नींद आ रही है , सो जाती हूँ . नहीं अभी सो भी नहीं सकती , थोड़ा सा और काम है जग ही जाती हूँ, और ऐसे ही भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के दबाव के बीच लोग अक्सर अपनी नींद से समझौता कर देते हैं, अब नींद न पूरी होना एक परेशानी तो है ही , लेकिन क्या आपको पता है यह आदत दिल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है? जी हाँ आपने सही सुना, आम तौर पर लोग खान पान , फिटनेस पर ध्यान तो देते हैं, लेकिन नींद को अक्सर अनदेखा कर देते हैं.  आज कल लोग रात रात भर फोन चलाते हैं, काम की वजह से सोते नहीं है ये सोच लेते हैं कि दिन में नींद पूरी कर लेंगे, लेकिन सच्चाई यह है की नींद की थोड़ी कमी से भी शरीर में ऐसे बदलाव होने लगते है की नींद ना लेना दिल का दौरा तक पहुँच जाता है.

    एक शोध और एक्सपर्ट्स की राय के अनुसार, 6 घंटे से कम की नींद शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन को ऐक्टिव करती है, जिससे ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) और कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol) का लेवल प्रभावित होता है. डॉक्टर अक्सर चेतावनी भी देते हैं कि पर्याप्त नींद न लेना न केवल थकान का कारण है, बल्कि यह सीधे तौर पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है. डॉक्टरों के मुताबिक एक युवा को रोज 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए. अगर आप लगातार इससे कम सो रहे हैं तो इसका असर शरीर पर साफ दिखने लगता है.  इंसान थकने लगता है, बॉडी साथ नहीं देती और नींद की कमी से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, ब्लड प्रेशर हाई होने लगता है, हार्ट रेट बिगड़ने लगता है.

    क्यों होती है परेशानी ?

    मानव शरीर जितना काम करती है उतना ही उसे आराम की जरूरत भी होती है. अगर शरीर को सही मात्रा में आराम नहीं मिलता तो ब्लड वैसल्स में सूजन आ सकती है, कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है और ये सब धीरे-धीरे दिल की बीमारियों का रास्ता खोल देते हैं.

    नींद से बढ़ता है हाई प्रेशर और मोटापा

    लंबे वक्त तक नींद पूरी न हो तो हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज जैसी दिक्कतें भी नींद से उठाने लगती हैं, जो दिल के लिए और भी खतरनाक हैं. विशेषज्ञ का कहना है कि कम नींद का सबसे बड़ा असर कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (Cardiovascular System) पर पड़ता है.

    6 घंटे से कम नींद जानलेवा

    जो लोग रोज 6 घंटे से भी कम सोते हैं, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के केस ज्यादा देखे जाते हैं. खासकर युवा प्रोफेशनल्स और कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रह है.

    एक्सपर्ट के मुताबिक अच्छी नींद उतनी ही जरूरी, है जितना सही खाना और बॉडी एक्टिविटी.  अगर नींद कम है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, ब्लड प्रेशर और सूजन दोनों बिगड़ सकते हैं. धीरे-धीरे ये हालात हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देते हैं.  इसलिए डॉ. का साफ कहना है, अपनी नींद को प्राथमिकता दे और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव लाए.

    स्लीप एपनिया का खतरा

    अक्सर लोग सोते तो 8 घंटे भी हैं लेकिन फिर भी थके रहते हैं.  इसकी वजह स्लीप एपनिया (नींद में सांस का रुकना) हो सकती है. खर्राटे लेना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि दिल के लिए खतरे की घंटी हो सकती है. रिसर्च कहती है कि अनट्रीटेड स्लीप एपनिया हार्ट फेलियर के जो को 140% तक बढ़ा देता है.

    नींद की कमी से दिल दिमाग में असर

    नींद की कमी सिर्फ़ दिल पर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी असर डालती है. कई दूसरी स्टडीज में यह देखा गया है कि, एक रात की खराब नींद भी खून में टाउ प्रोटीन (Tau proteins) की मात्रा बढ़ा सकती है, जो अल्जाइमर जैसी बीमारियों के संकेत होते हैं।

    अक्सर ऐसा देखा गया है की आजकल के युवा सोमवार से शुक्रवार कम सोते हैं और सोचते हैं कि शनिवार-रविवार को 12 घंटे सोकर कमी पूरी कर लेंगे. लेकिन रिसर्च इसे सोशल जेटलैग (Social Jetlag ) कहती है। शरीर का सर्केडियन रिदम (Circadian Rhythm ) को इस तरह से बदला नहीं जा सकता. यह मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है. American Heart Association ने अपने Life's Essential 8 (स्वस्थ दिल के लिए 8 जरूरी चीजें) की सूची में नींद'को आधिकारिक तौर पर शामिल किया है.  और यह साबित करता है कि नींद अब डाइट और एक्सरसाइज जितनी ही महत्वपूर्ण है.

    नींद का दुश्मन कौन?

    नींद की दुश्मन बनने वाली कई आदतें हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल हो गई हैं, जैसे रात तक फोन चलाना, लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना, ज्यादा कैफीन का सेवन करना और सोने-जागने का नियमित समय न होना. ये सभी आदतें शरीर की बॉडी क्लॉक को बिगाड़ देती हैं और नींद की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं.

    नींद को कैसे नियंत्रित करे

    • निर्धारित समय पर सोएं और उठें, मतलब हर रोज एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें.
    • सोने से पहले शांत वातावरण बनाएं, ज्यादा स्ट्रेस न ले बेडरूम को अंधेरा, शांत और ठंडा रखें.
    • सोने से पहले कैफीन और शराब से बचें, क्योंकि कैफीन और शराब नींद को रोक सकती हैं.
    • दिन में एक्सरसाइज करें, उसे स्लिप साइकिल अच्छी होती है, आप थकेंगे तो जाहिर सी बात है नींद आएगी.
    • सोने से पहले ज़्यादा फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल न करें, जो कि आज के लोगों की सबसे बड़ी दिक्कत बनी हुई है.

    क्योंकि सिर्फ कुछ रातों की अधूरी नींद भी दिल और दिमाग पर गहरा असर डाल सकती है.  एक अच्छी नींद लेने का मतलब सिर्फ आराम करना नहीं है, बल्कि यह हमारे हेल्दी रूटीन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. और फिर भी आपको लगता है कि आपको नींद की समस्या है और कोशिश करने के बाद भी आपको राहत नहीं मिल रही है, तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए. डॉक्टर आपकी समस्या का कारण जानने में आपकी मदद कर सकते हैं और इलाज का सुझाव दे सकते हैं.



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