बाढ़ (BARH): सतुआनी पर्व के मौके पर बाढ़ अनुमंडल के उमानाथ मंदिर गंगा घाट, बख्तियारपुर सीढ़ी घाट, मोकामा और हाथीदह आदि गंगा घाटों पर स्नान कर दान पुण्य करने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे.क्षेत्र में मनाए जाने वाला यह पर्व अपनी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है.इस दिन सूर्यदेव मीन राशि से निकलकर मंगल की राशि मेष में प्रवेश करते है.
सतुआनी के साथ हो गया हिंदू नववर्ष की शुरुआत
सूर्य चक्र के अनुसार इस दिन से नए साल की शुरुआत भी मानी जाती है.इस दिन सत्तू खाने और दान करने का धार्मिक महत्व है.वहीं दूसरी तरफ इसी दिन खरमास समाप्त हो जाता है और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है.
दान करने से मिलती है सुख समृद्धि
बाढ़ के गंगा घाटों पर सतुआनी पर्व को लेकर नालंदा, नवादा, लखीसराय, शेखपुरा आदि दूर दराज के इलाकों से श्रद्धालु सुबह पहुंचे और गंगा स्नान करने के बाद उमानाथ मंदिर में भगवान शंकर की पूजा अर्चना की.इसके बाद चना का सत्तू, आम की चटनी आदि खाकर ब्राह्मणों को दान किया.धार्मिक मान्यता है कि दान करने से सुख समृद्धि मिलती है.गंगा घाट पर सुरक्षा को लेकर आपदा प्रबंधन की टीम एवं पुलिसकर्मी की तैनाती की गई थी.
Thenewspost - Jharkhand
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