पटना : बताया जाता है कि बिहार में पहली बार कुर्मी चेतना रैली आयोजित करने वाले नेता सतीश कुमार ही थे. उन्हें सामाजिक चेतना और संगठन के लिए काम करने वाला मजबूत नेता माना जाता था. कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में मजबूत आधार दिलाने में सतीश कुमार की अहम भूमिका रही थी.
निधन की खबर मिलते ही कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया
सतीश कुमार लगातार तीन बार विधायक रहे और कुर्मी समाज के बीच उनकी गहरी पकड़ मानी जाती थी. उनके निधन की खबर मिलते ही कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. निशांत कुमार ने सतीश कुमार को एक सामाजिक योद्धा बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया. जिसे हमेशा याद रखा जाएगा.
सतीश कुमार के निधन से उनके समर्थकों और समाज के लोगों में गहरा दुख है. उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंच रहे हैं.
Thenewspost - Jharkhand
4+


