पटना(PATNA): बिहार में सिंचाई ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रही उत्तर कोयल जलाशय योजना अब तेज गति पकड़ती नजर आ रही है. 1367.61 करोड़ रुपये की इस अहम योजना की प्रगति की समीक्षा सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में की गई, जिसमें निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के अंदर पूरा करने पर जोर दिया गया.
समीक्षा बैठक में परियोजना की मौजूदा स्थिति, लंबित कार्यों और आने वाले कार्ययोजना पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत राइट मेन कैनाल (RMC) का 55.04% कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पिछले 13 दिनों में 4.11% की दर्ज की गई है. अब यह परियोजना 29.97% तक पहुंच गई है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह परियोजना राज्य की सिंचाई व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.
परियोजना के तहत पैकेज 3 से 11 तक विभिन्न निर्माण कार्य जैसे अर्थ वर्क, सीएनएस और कैनाल लाइनिंग का काम लगातार जारी है. साथ ही KM 64.150 और KM 68.00 जैसे महत्वपूर्ण गेट और होइस्ट व्यवस्था सहित निर्माण कार्य भी प्रगति पर है. समीक्षा में यह भी बताया गया कि वर्तमान में साइट पर 571 श्रमिकों के साथ-साथ एक्सकेवेटर, डम्पर और लाइनिंग पेवर जैसी भारी मशीनरी तैनात है, जिससे कार्य को गति मिल रही है. परियोजना से जुड़े भू-अर्जन कार्य औरंगाबाद और गया जिलों में अंतिम चरण में हैं. औरंगाबाद में 41.251 हेक्टेयर भूमि में से अधिकांश का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए उन्होंने कहा है कि कार्य की गति को और तेज किया जाए ताकि मानसून से पहले लक्ष्य हासिल हो सके, मैनपावर और मशीनरी की संख्या आवश्यकता अनुसार बढ़ाई जाए. सभी भू-अर्जन कार्य निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और नियमित साइट निरीक्षण हो, लंबित टेंडर और तकनीकी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाए ताकि सिंचाई नेटवर्क प्रभावित न हो सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना राज्य के कृषि और सिंचाई क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित होगी, इसलिए इसकी निगरानी लगातार उच्च स्तर पर की जा रही है.


