देश लौट आये लालू पुत्र तेजस्वी यादव, दोनों भाई साथ में खाएंगे दही -चूड़ा, फिर क्या होगा आगे!


TNP DESK- बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश यात्रा से लौट आए है. फिलहाल वह दिल्ली में हैं. बहुत जल्द वह पटना लौट सकते है. इस बीच चर्चा तेज है कि तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव एक साथ पटना में चूड़ा -दही खा सकते है. वैसे तो अपनी माता राबड़ी देवी के जन्मदिन पर जब तेज प्रताप यादव केक लेकर पहुंचे थे, उसके बाद से ही कई तरह की चर्चाएं चल रही है. लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति को दही -चूड़ा का आयोजन किया है और उसमें वह तमाम नेताओं को निमंत्रित कर रहे है. इस निमंत्रण में तेजस्वी यादव का भी नाम है. राजनीतिक पंडित इसे दोनों भाइयों के साथ आने के चश्मे से देख रहे है.
तेजस्वी यादव दिल्ली में पिता लालू प्रसाद से मुलाकात की है
तेजस्वी यादव फिलहाल दिल्ली में है और वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की है. पिछले महीने ही लालू प्रसाद की आंखों की सर्जरी हुई थी. जिसके बाद से वह दिल्ली में अपनी सांसद बेटी मीशा भारती के आवास पर रह रहे है. वैसे राजद के नेता तेजस्वी यादव के पटना लौटने की प्रतीक्षा कर रहे है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव लगभग एक महीने की विदेश यात्रा के बाद दिल्ली लौटे है. दिसंबर महीने की शुरुआत में जब बिहार विधानसभा का सत्र चल रहा था, तभी तेजस्वी यादव विदेश चले गए थे. उनकी गैरहाजरी की चर्चा खूब हुई थी. सत्र के पहले दो दिन सदन में रहे, लेकिन तीसरे दिन वह मौजूद नहीं थे. बाद में बताया गया कि तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ विदेश यात्रा पर चले गए है. एनडीए के नेताओं ने इसको लेकर तेजस्वी यादव पर हमला बोला था. आरोप लगाया था कि जनता की चिंता छोड़कर तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर चले गए है.
बिहार विधानसभा चुनाव में बुरी हार के बाद पार्टी में संकट
बता दे कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद की करारी हार हुई है. उसके बाद से पार्टी में संकट बना हुआ है. आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी है. एनडीए के नेताओं का दावा है कि खरमास के बाद राजद विधायकों में टूट होगी. दूसरी ओर इसी साल बिहार में राज्यसभा और पंचायत के चुनाव भी होने है . राज्यसभा में भी राजद के खाते में विशेष कुछ आने वाला नहीं है, क्योंकि सीटों की संख्या कम है. लेकिन पंचायत चुनाव में राजद को अपनी ताकत दिखानी होगी. ऐसे में राजद की फिलहाल की स्थिति कमजोर होने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि दोनों भाई साथ आ सकते है. तेजस्वी यादव के सामने फिलहाल पार्टी के टूट को रोकना बड़ी जिम्मेवारी है. इधर, कांग्रेस भी महागठबंधन से किनारा करने में लगी हुई है. मतलब साफ है कि बिहार में महागठबंधन में भी टूट होगा. कांग्रेस अब अपनी अलग राह पकड़ती दिख रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
4+