दरभंगा : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के बीच दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड मुख्यालय से सरकारी पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है. शिकायत मिलते ही वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है.शिकायतकर्ता इकबाल अंसारी का आरोप है कि करीब 50 वर्ष पुराने कीमती पेड़ों समेत 14–15 पेड़ों को बिना किसी कागजी प्रक्रिया के काटकर गायब कर दिया गया. उन्होंने दावा किया कि इससे जुड़े साक्ष्य प्रशासन को सौंप दिए गए हैं. अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी संपत्ति के संरक्षक माने जाने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए लकड़ी को निजी उपयोग में लाकर पलंग-सोफा जैसे सामान बनवाए.
केवटी BDO ने बताया निराधार
शिकायतकर्ता के अनुसार Indian Forest Act तथा Forest Conservation Act के तहत सरकारी परिसर में लगे पेड़ों की अवैध कटाई दंडनीय अपराध है. वहीं केवटी के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि आंधी-तूफान में पेड़ गिर गए थे जिन्हें सुरक्षा कारणों से हटवाया गया. इधर मिथिला वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने बताया कि शिकायत मिली है और जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और सभी की नजर वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी है.
Thenewspost - Jharkhand
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