पटना(PATNA):बिहार के गोपालगंज जिले स्थित प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर परिसर के विकास कार्य की समीक्षा के दौरान आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कार्य की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की महत्वपूर्ण पर्यटन योजनाओं में शामिल है, लेकिन तय समय सीमा के बावजूद काम संतोषजनक नहीं पाया गया है.समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि स्वीकृति मिलने के बाद भी कई कार्यों में काफी देरी हो रही है. इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव ने जिम्मेदार अभियंताओं की भूमिका पर सवाल उठाया और लापरवाही बरतने वाले कार्यपालक अभियंता तथा सहायक अभियंता को उनके मूल विभाग में वापस भेजने का निर्देश दिया.
अनुबंध रद्द करने के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई
इसके साथ ही कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे संवेदक को सख्त चेतावनी दी गई है कि वह तुरंत कार्य की गति में सुधार लाए और पर्याप्त मैनपावर लगाए. मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समय में प्रगति नहीं दिखी तो अनुबंध रद्द करने के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी.मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि थावे मंदिर परिसर के सभी बचे हुए निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों को अगले तीन महीनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए.
200 में से 113 दुकानों का निर्माण पूरा
बैठक में परियोजना की भौतिक प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि 200 में से 113 दुकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कुछ दुकानों का कार्य आंशिक रूप से प्रगति पर है.तालाब विकास कार्य लगभग आधा पूरा हो चुका है और जनसुविधाओं का कार्य लगभग पूर्णता के करीब है.वहीं चिल्ड्रेन पार्क, पैदल पथ तथा लाइट एंड साउंड शो जैसे कार्य अपेक्षाकृत धीमी गति से चल रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति बाहरी विद्युत कार्य की रही, जो अब तक शुरू भी नहीं हुआ है.
किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि थावे मंदिर बिहार का एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, इसलिए इसके विकास कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करें और स्वयं वे भी जल्द ही स्थल का निरीक्षण करेंगे.

