शेखपुरा(SHEIKHPURA):शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत चकंदरा पहाड़ी एक बार फिर विवादों में घिर गई है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहाड़ी पर हो रही हैवी ब्लास्टिंग के कारण आसपास दहसत का महौल है और लोगों की सुरक्षा खतरे में है. ग्रामीणों के अनुसार, यहां पहले भी कई हादसे हो चुके है.पिछले वर्ष हुए भूस्खलन में कई मजदूर घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए पटना रेफर करना पड़ा था.
पढ़े क्या स्थानीय लोगों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में करीब 400 फीट गहराई तक पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है. चकंदरा पहाड़ी के समीप रहने वाले शंभू चौधरी ने बताया कि हाल ही में हुई तेज ब्लास्टिंग से उनके घर की दीवारें फट गई है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है, जबकि उनके पास वासगीत पर्चा और संबंधित रसीदें मौजूद है.शंभू चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने कंपनी के कर्मियों से शिकायत की, तो उन्हें धमकाया गया। वहीं, अंचल कार्यालय में शिकायत करने पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला उन्होंने बताया कि घर के बगल में विस्फोटक में लगने वाले सामग्री भी मिलते रहते हैं जिससे कभी भी खतरा हो सकता है.
ब्लास्टिंग से दहशत
ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में खनन विभाग द्वारा पहाड़ी की सीमा तय की गई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उस सीमा को हटाकर लगभग 150 फीट तक अवैध उत्खनन शुरू कर दिया गया. घरों से महज 100-150 फीट की दूरी पर हो रही ब्लास्टिंग से लोग दहशत में है हालांकि, नटराज कंपनी के मैनेजर रोशन कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित व्यक्ति के पास वैध कागजात नहीं है, इसलिए मुआवजा नहीं दिया गया है और अवैध उत्खनन का आरोप भी निराधार है.
Thenewspost - Jharkhand
4+


