राजद नेता तेजस्वी यादव को किसने दी खुली चुनौती, क्यों याद कराया गया "ऑपरेशन लगड़ा"

    राजद नेता तेजस्वी यादव को किसने दी खुली चुनौती, क्यों याद कराया गया "ऑपरेशन लगड़ा"

    टीएनपी डेस्क: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन और बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी  पर रविवार को हुए हमले के बाद पार्टी गुस्से में है.  हिंदुस्तान आवाम  मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्री संतोष कुमार सुमन ने राजद नेता तेजस्वी यादव को खुल्लम-खुल्ला चुनौती दी है.  उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स  पर लिखा है कि राज्य में किसी एक खास जाति की दबंगई का दौर अब  खत्म हो चुका है.  उन्होंने यह भी कहा है कि दलित समाज अपनी सम्मान की रक्षा करना जानता है.  आगे कहा है कि तेजस्वी जी अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए, बिहार बदल चुका है.  अब दलित समाज डरने वाला नहीं है.  अपने सम्मान की रक्षा करना जानता है.  अगर जीतन राम मांझी जी के किसी सिपाही को डराने -धमकाने की कोशिश हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से उसी भाषा में जवाब मिलेगा।  

    विधायक ज्योति देवी ने क्या लगाया था आरोप 
     
    दरअसल, यह बात उस समय कही गई है, जब गया के बाराचट्टी में हम पार्टी की विधायक ज्योति देवी के काफिले पर कुछ लोगों ने हमला किया है.  केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन और विधायक ज्योति देवी ने आरोप लगाया था कि हमले के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया था और जाति सूचक शब्द कहे गए थे.  विधायक के सुरक्षा कर्मियों के साथ हाथापाई की गई थी.  इसके बाद विधायक की शिकायत पर मोहनपुर थाने में 7 लोगों के खिलाफ नामजद  प्राथमिकी   दर्ज कराई गई थी.  विधायक का कहना था कि वह एक सामाजिक समारोह में शामिल होने जा रही थी.  इस दौरान सिंगल  सड़क पर सामने से आ रही एक सवारी गाड़ी को हटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया था.  सुरक्षा कर्मियों ने गाड़ी पीछे करने का अनुरोध किया तो  गाड़ी पर सवार लोग उग्र हो गए थे.  

    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है

    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है.  उन्होंने सोमवार को कहा था कि विधायक पर एक साजिश के तहत हमला किया गया है.  अगर 8 दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन करेगी।  केंद्रीय मंत्री ने मोहनपुर थाना प्रभारी पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था.  उन्होंने कहा कि घटना के समय यदि पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी मौजूद रहती, तो यह सब नहीं होता।  उन्होंने कहा है कि थाना प्रभारी ने सुरक्षा एस्कॉर्ट देने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि  गाड़ी में तेल नहीं है.  उन्होंने सवाल उठाया कि  घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो गाड़ी में तेल कहां से आ गया? इधर, विधायक पर हमले के बाद भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है.  भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि तेजस्वी यादव सुन लीजिए- जंगल राज वाले दिन चले गए, जहां जाति विशेष दलित, महादलित पर अत्याचार करते थे.   बिहार में अभी "ऑपरेशन लगड़ा"  चल रहा है.  अपने कार्यकर्ताओं को कहिए कि ठीक से रहे, नहीं तो जब पुलिसिया कार्रवाई होगी तो हल्ला मत कीजिएगा।



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