पटना (PATNA): बिहार के अररिया जिले में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जयनगर से नरपतगंज होते हुए घुरना (भारत-नेपाल सीमा) तक 35.77 किलोमीटर लंबी सड़क के सुदृढ़ीकरण का काम शुरू हो गया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 93.11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे इलाके के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
यह सड़क 5.50 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है, जो जयनगर से शुरू होकर मिरदौल-पिठौरा चौक, नरपतगंज बाजार, अचरा और मीरगंज होते हुए भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचेगी. इस मार्ग के तैयार होने से नेशनल हाईवे 327E, 27, 527 और स्टेट हाईवे 77 से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे आवागमन और व्यापार दोनों आसान होंगे.
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय लोगों, खासकर किसानों और व्यापारियों को मिलेगा. अनुमान है कि करीब 5 लाख से अधिक आबादी को इस सड़क से सीधा फायदा होगा. फसल परिवहन, बाजार तक पहुंच और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को इससे बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, सड़क के मजबूतीकरण का कार्य तेजी से जारी है और इसे तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस बीच विभागीय मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की नियमित जांच की जाए और हर स्तर पर तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.
सरकार का मानना है कि इस सड़क के बन जाने से न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा तक आवाजाही भी पहले से ज्यादा सुगम हो जाएगी. यह परियोजना आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास की मजबूत नींव साबित हो सकती है.
Thenewspost - Jharkhand
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