Bihar Politics: भाजपा -जदयू के तीन मंत्रियों सहित अन्य पर क्यों बढ़ रहा बर्खास्तगी का दवाब, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    Bihar Politics: भाजपा -जदयू के तीन मंत्रियों सहित अन्य पर क्यों बढ़ रहा बर्खास्तगी का दवाब, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    TNP DESK- बिहार चुनाव के ठीक पहले एनडीए के पांच नेता संकटों में घिरते  दिख रहे है.  इसमें भाजपा के भी हैं और जदयू  के भी है.  जदयू पर तो दबाव बढ़ गया है, क्योंकि जदयू कोटे के मंत्री अशोक चौधरी को लेकर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा है कि अशोक चौधरी को आरोप  के संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट कर करनी चाहिए.  जदयू के मंत्री अशोक चौधरी पर 2 साल में 200 करोड़ की बेनामी संपत्ति जुटा लेने का आरोप जनसुराज  के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लगाया है.  अब पार्टी उनसे जवाब मांग रही है और कह रही है कि आरोप के संबंध में बिंदुवार स्थिति स्पष्ट किया जाना चाहिए.  अशोक चौधरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बहुत करीबी माना जाता है.  कई मौके   पर इसके प्रमाण भी मिले है.  

    जदयू पर भी बढ़ गया है दवाब ,अब आगे क्या 

    पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के बयान से ऐसा लगने लगा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आरोपो  को गंभीरता से लिया है और वह भी अशोक चौधरी से सफाई जानना चाहते है.  अगर ऐसा नहीं होता तो पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने मीडिया के सामने ऐसी बातें नहीं करते.  पार्टी प्रवक्ता ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत कर पार्टी को खड़ा किया है.  इसे बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता.  उन्होंने कहा कि पार्टी फिलहाल अग्नि परीक्षा से गुजर रही है.  इस तरह के गंभीर आरोप  पार्टी के किसी मंत्री पर पहली बार लगे  है. सामान्य बात नहीं है. पार्टी प्रवक्ता ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव की याद दिलाई है और कहा है कि जब तेजस्वी यादव पर आरोप लगे थे, तो पार्टी ने उनसे भी जवाब मांगा था. नहीं तो गठबंधन तोड़ देने की बात कही थी. 

    जदयू के मंत्री पर सफाई का बढ़ रहा दवाब 
     
    अशोक चौधरी को जवाब देना चाहिए ,क्योंकि यह पार्टी की साख का सवाल है.  उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर कोई भी विरोधी इस तरह का आरोप नहीं लगा  सकता है.  पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अशोक चौधरी पर आरोप लगा है ,इसलिए पार्टी की ओर से आग्रह है कि वह मीडिया के सामने आकर पूरी सच्चाई बताये.  प्रशांत किशोर ने यह भी  मांग कर दी है कि अगर उनके आरोपों पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी और मंगल पांडे  सफाई नहीं देते हैं, तो उनको सरकार से बर्खास्त कर दें नीतीश कुमार.  उन्होंने आगे कहा है कि नीतीश कुमार ने आरोपों  पर सफाई नहीं देने पर तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन छोड़ने की बात कही थी, तो आज यह  बात अशोक चौधरी, सम्राट चौधरी और मंगल पांडे पर भी लागू होती है.  प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को भाजपा नेता सम्राट चौधरी, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल, संजय जयसवाल, और जेडीयू मंत्री  अशोक चौधरी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे.  

    नीतीश कुमार को व्यक्तिगत रूप से ईमानदार बताया गया है 

    उनका यह भी कहना है कि नीतीश कुमार व्यक्तिगत रूप से बिल्कुल ईमानदार हैं, लेकिन वह शारीरिक और  मानसिक तौर पर थक गए हैं और उनके अगल-बगल जितने मंत्री अफसर हैं, वह लूट रहे है. अगर मंत्री उनके आरोपों पर सफाई नहीं देते हैं ,तो नीतीश कुमार की  जवाबदेही बनती है कि वह उन्हें बर्खास्त करे.  प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर हत्या के केस में कम उम्र का हवाला देकर जेल से निकलने और बिना मैट्रिक पास किये  ही डी लिट  करने का आरोप लगाया था.  मंगल पांडे पर आरोप लगाया था कि जब कोरोना काल  में दिल्ली में घर खरीदने के लिए अपने पिता के जरिए 25 लाख  दिलीप जायसवाल से कर्ज लिया था, तब उनकी पत्नी के बैंक खाते में 2 करोड रुपए जमा थे.  प्रशांत किशोर ने अशोक चौधरी पर 2 साल में 200 करोड़ की बेनामी संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया था.   प्रशांत किशोर ने दिलीप जायसवाल और संजय जायसवाल पर भी अलग-अलग आरोप लगाए थे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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