ई-गवर्नेंस में बिहार की बड़ी छलांग, सामान्य प्रशासन विभाग ने रच दिया नया रिकॉर्ड

    Bihar makes a major leap in e-governance; the General Administration Department sets a new record |ई-गवर्नेंस में बिहार की बड़ी छलांग, सामान्य प्रशासन विभाग ने रच दिया नया रिकॉर्ड

    पटना (PATNA): सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार ने प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं. विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस सम्मेलन में विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और सुधारात्मक पहलों की विस्तार से जानकारी दी.

    डॉ. बी. राजेन्दर ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार एवं बिपार्ड को ISO 9001:2015 अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक का प्रमाणन प्राप्त हुआ है. यह प्रमाणन 21 जनवरी 2026 को तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान किया गया, जो विभागीय कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और मानकीकरण को दर्शाता है.

    उन्होंने कहा कि बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत राज्य के 14 विभागों की 153 सेवाएँ नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं. इनमें जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कन्या उत्थान योजना सहित कई सेवाएँ शामिल हैं. अब तक 51.13 करोड़ से अधिक आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है.

    डॉ. राजेन्दर ने बताया कि जुलाई 2025 से पंचायत सरकार भवनों में संचालित लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 64 से अधिक सेवाएँ ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को जिला या प्रखंड मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है.

    उन्होंने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत 45 विभागों की 514 सेवाओं में शिकायत निवारण की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 18.57 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है. वहीं, बिहार सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली के तहत 14,569 मामलों का निपटारा हुआ है.

    प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का भी उल्लेख किया गया. डॉ. राजेन्दर ने बताया कि इस योजना के तहत 121 विषय विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कार्य करने का अवसर दिया जाएगा. इसके लिए आईआईएम बोधगया के साथ एमओयू किया गया है.

    उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक राज्य में 9.84 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है. साथ ही मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के जरिए लाखों कर्मियों के सेवा अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया गया है.

    डॉ. बी. राजेन्दर ने कहा कि चल-अचल संपत्ति विवरण को ऑनलाइन अपलोड करने, हेल्पलाइन सेवाओं के विस्तार और कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों से सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही और मजबूत हुई है. उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग भविष्य में भी सुशासन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है.



    Related News