Bihar Politics : बिहार-सियासी घमासान के बीच सांसद पप्पू यादव को क्यों मिल रहा  तेजश्वी यादव  का साथ !

    Bihar Politics: Amidst the political turmoil, why is MP Pappu Yadav receiving support from Tejashwi Yadav? | Bihar Politics : बिहार-सियासी घमासान के बीच सांसद पप्पू यादव को क्यों मिल रहा  तेजश्वी यादव  का साथ !

    धनबाद(DHANBAD) : बिहार के पूर्णिया से निर्दल सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई  नहीं हो सकी, अब मंगलवार को उनके मामले पर सुनवाई हो सकती है.  सोमवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन पटना सिविल कोर्ट को मिले एक ईमेल की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया.  इस ईमेल की वजह से पूरे कोर्ट  परिसर में हड़कंप मच गया था.  पप्पू यादव को एक पुराने मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार की देर रात को गिरफ्तार किया था.  वैसे, पप्पू यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ भी बिहार में आंदोलन शुरू हो गया है.  

    जहानाबाद की नीट  छात्रा  की  संदिग्ध  मौत के मामले में पप्पू यादव मुखर थे.  कहा जा रहा है  कि पप्पू यादव पूरी ताकत से लड़की के परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए लगे हुए थे.  इसके लिए वह 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना में समर्थकों के साथ  शामिल होने वाले थे.  उसके पहले पुलिस ने उन्हें पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया।  वैसे भी जहानाबाद की नीट  छात्रा  के मामले में पप्पू यादव की मुखरता  से लोग बिहार के लोग  उनके पक्ष में आने लगे हैं.  उनके विरोधी भी उनके इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं.  राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने तो ट्वीट कर उनके इस प्रयास की सराहना की और बिहार सरकार को खूब लताड़ा।  इसके अलावे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पप्पू  यादव के पक्ष में आ गए हैं.  कांग्रेस तो पप्पू यादव के पक्ष में आंदोलन ही कर रही है. 

     दरअसल, तेजस्वी यादव चाहते थे कि पप्पू यादव का कांग्रेस से निकटता खत्म हो जाए.  इसके लिए वह पप्पू यादव का विरोध कर रहे थे.  वैसे कांग्रेस में पप्पू यादव की पूछ बढ़ रही थी, लेकिन पप्पू यादव की पूछ कहीं तेजस्वी यादव से अधिक ना हो जाए ,इसके लिए उनका विरोध किया जा रहा था.  लेकिन अब परिस्थितियां  ऐसी बनी है कि पप्पू यादव को सब का सहयोग और सहानुभूति मिल रहा है.  पुलिस ने जिस तरह से गिरफ्तार किया, उसकी आलोचना भी हो रही है.  सांसद पप्पू यादव पर 1995 में पटना के पुनाइचक में एक मकान पर कब्जा करने का आरोप लगा था.  शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उन्होंने एक व्यक्ति को मकान किराए पर दिया था.  बाद में उसने पप्पू यादव के करीबी को दे दिया था.  फिर वहां पार्टी का कार्यालय चलाए जाने लगा.  इसी मामले में वारंट निर्गत था और पुलिस ने इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया। 

    उल्लेखनीय है कि बिहार में सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा है.  उनके समर्थक नीतीश कुमार की सरकार को कठघरे  में खड़ा कर रहे हैं.  गिरफ्तारी को दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई बता रहे हैं.  कह  रहे हैं कि नीट  छात्रा  की संदिग्ध मौत के मामले को पप्पू यादव ने जब सदन से लेकर सड़क तक  उठाया तो बिहार सरकार बैकफुट पर आ गई और दुर्भावना पूर्ण कार्रवाई की है.  वैसे, पप्पू यादव के पक्ष में शनिवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया था और कहा था कि यह कार्रवाई कतई  स्वीकार नहीं  की जा सकती।  इधर,बिहार की राजनीति में बाबा के नाम से प्रसिद्ध  , कभी नीतीश कुमार -लालू प्रसाद के प्रिय रहे पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी ने भी सवाल उठाया है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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