गया (GAYA) : बिहार में शराबबंदी और माफिया राज को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. मांझी ने कहा कि तेजस्वी यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य में सक्रिय बालू और शराब माफिया आखिर कौन हैं.
बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब उन्हीं के लोग हैं. पहले गड़बड़ी करते हैं और फिर खुद ही शोर मचाते हैं. इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. उन्होंने आगे कहा कि बिहार में शराबबंदी का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था लेकिन इसका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है. मांझी के अनुसार मौजूदा व्यवस्था में सबसे ज्यादा नुकसान गरीब तबके को उठाना पड़ रहा है. छोटे मामलों में गरीब लोगों को जेल भेज दिया जाता है जबकि बड़े शराब तस्कर खुलेआम घूमते नजर आते हैं.
लेकिन जमीनी स्तर पर नहीं हो रहा है इसका पालन
मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालिया समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने निर्देश दिया था कि कम मात्रा में शराब के साथ पकड़े गए लोगों पर जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाए लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है. उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा 2000 लीटर शराब रखने वाले माफिया को छोड़ दिया जाता है जबकि आधा लीटर रखने वाले गरीब को जेल भेज दिया जाता है. मांझी ने इसे कानून के असमान और पक्षपातपूर्ण क्रियान्वयन का उदाहरण बताया.
अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि इस विसंगति को तुरंत दूर किया जाए और शराबबंदी कानून को निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए ताकि आम जनता को न्याय मिल सके
Thenewspost - Jharkhand
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