आखिर क्यों बंगाल के चोर देवघर में मचा रहे ताडंव, क्यों सरकारी संपत्ति की ही करते है चोरी, जानें वजह

    आखिर क्यों बंगाल के चोर देवघर में मचा रहे ताडंव, क्यों सरकारी संपत्ति की ही करते है चोरी, जानें वजह

    देवघर(DEOGHAR):देवघर में पिछले कई महीने से बंगाल के चोरों ने आतंक मचा रखा है. ये चोर सिर्फ सरकारी संपत्ति की ही चोरी करते है. इनकी पहली पसंद डक्टाइल पाइप होती है. ये पाइप पेयजलापूर्ति में उपयोग किया जाता है. जिसकी अच्छी खासी कीमत होती है.

    व्यापक पैमाने पर हो रही है सरकारी संपत्ति की चोरी

    आपको बताये कि बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले कई चोरों की गिरफ्तारी हुई है. फिर भी इनका मनोबल बढ़ा हुआ है. देवघर के कई थाना क्षेत्रों में ये चोर सरकारी संपत्ति की चोरी व्यापक पैमाने पर करते आ रहे है. ये पावर ग्रिड से सामानों की चोरी करते है. इसके अलावा पेयजलापूर्ति के लिए जगह जगह रखे पाइप की भी बड़े पैमाने पर चोरी की जाती है.

    बंगाल के चोर लगातार है सक्रिय

    बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले चोर पिछले साल कई जगहों से चोरी करते थे. देवघर पुलिस की सक्रियता से दर्जनों चोरों की गिरफ्तारी भी की गई थी. और बड़ी मात्रा में समान भी बरामद किया गया था. इसके बाबजूद इन चोरों के मनोबल में कोई कमी नही आई है. और लगातार देवघर में अपनी उपस्थिति बनाई हुए है.

    चोरी के सामान ढुलाई की सभी गाड़ियों पर है बंगाल का नम्बर

    पिछले दो महीने पहले की बात है जब खागा पुलिस ने बलियापुर और बगदाहा मोड़ के पास पाइप से भरा वाहन को जप्त किया था. जबकि पालोजोरी पुलिस ने तालगढा गांव से एक ट्रक डक्टईल पाइप लदे ट्रक को जप्त किया था. अभी इसी सप्ताह शुक्रवार की देर रात को फिर से डक्टईल पाइप लदे ट्रक को खागा थाना की पुलिस ने जप्त किया है. जिन वाहनों से चोरी के समान की ढुलाई होती है सभी बंगाल नम्बर की गाड़िया रहती है.

    कारखाने या संवेदक को बेचते थे

    बंगाल के चोर ट्रक लेकर आते है. देवघर और रात भर में पाइप की चोरी कर वापस बंगाल ले जाते हैं. देवघर जिला भर में इनदिनों वृहद ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना का काम जोरो से किया जा रहा है. पाइप लाइन के जरिए घर घर पेयजलापूर्ति के लिए डक्टाईल पाइप बिछाया जा रहा है. यह पाइप सड़क किनारे रखे जाने के कारण चोर इसे आसानी से चोरी कर लेते है.

    5 से 16 हजार तक बेचा जाता है पाईप

    चोर देवघर के उस जगह पर चोरी की घटना को अंजाम देते है. जहां से बंगाल की दूरी एक से डेढ़ घण्टे में पूरी हो सके. चोरी की गई पाइप को कारखने, संवेदक या फिर एजेंसी से आधी कीमत पर बेच दी जाती है. साइज के अनुसार पाइप बाजार में 5 से 16 हजार तक मिलता है. ऐसे में चोर की एक ट्रक पाइप बेचते ही वे रात भर में ही लखपति बन जाते है.

    रिपोर्ट-ऋतुराज सिन्हा


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news