POLITICAL EXPLAINER : 2024 के महासमर से पहले ब्रांड मोदी को सलटाने की मुहिम,18 मई को पटना में राजनीति के धुरंधरों की जमघट

    POLITICAL EXPLAINER : 2024 के महासमर से पहले ब्रांड मोदी को सलटाने की मुहिम,18 मई को पटना में राजनीति के धुरंधरों की जमघट

    पटना(PATNA)- देश में विपक्षी एकता की मुहिम को सरजमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है. कर्नाटक चुनाव के बाद अपने-अपने राज्यों के राजनीति के इन धुरंधरों के द्वारा राजधानी पटना में एक बड़ी बैठक आयोजित किये जाने का मन बना लिया गया है. हालांकि अभी अंतिम रुप से इसकी तिथि की घोषणा नहीं की गयी है, लेकिन संभावित रुप से 17 या 18 मई को यह बैठक की जा सकती है.

     अब तक इन नेताओं के द्वारा दी गयी आने की स्वीकृति

    अब तक की प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी, महाराष्ट्र की राजनीति का चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार, शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, झाऱखंड सीएम हेमंत सोरेन, आप सुप्रीमो सीएम अरविंद केजरीवाल, प्रमुख वाम नेता सीताराम येचुरी के साथ ही डी. राजा के द्वारा इस बैठक में शामिल होने की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है. जबकि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. हालांकि इसके लिए उनकी औपचारिक स्वीकृति का अभी भी इंतजार है. यह सूची अभी और भी लम्बी हो सकती है, अभी भी कई दलों की ओर से औपचारिक स्वीकृति का इंतजार है, इसमें आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री  जगत मोहन रेड्डी और तेलांगना का सीएम के. चन्द्रशेखर राव का नाम भी इसी सूची में है.

    विपक्षी एकता की मुहिम सीएम नीतीश की पहल

    ध्यान रहे कि हाल के दिनों में सीएम नीतीश की ओर से विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुखों  से मुलाकात कर विपक्षी एकता की रुप रेखा और उसके स्वरुप को लेकर चर्चा की जा रही है. अब तक दर्जनों नेताओं से उनकी मुलाकात हो चुकी है, इन सभी के साथ उनकी अलग अलग वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन अब उनकी कोशिश एक साथ बैठकर इसकी औपचारिक रुप रेखा तैयार करने की है. इसके स्वरुप पर विचार विमर्श करने की है.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बाद तेज हुई रफ्तार

    याद रहे कि इसकी शुरुआत पिछले महीने दिल्ली में सीएम नीतीश कुमार का कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात से हुई थी, उस बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी की उपस्थिति भी थी, दावा किया जाता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उसी बैठक में सोनिया गांधी के द्वारा सीएम नीतीश कुमार के कंधों पर पूरे देश में विपक्षी एकता की रुपरेखा तैयार करने की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी.

    राष्ट्रीय स्तर पर कोओर्डिनेशन कमिटी का किया जा सकता है गठन

    दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में विपक्षी दलों का एक कोओर्डिनेशन कमिटी का गठन किया जा सकता है, जिसके अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी सीएम नीतीश कुमार के कंधों पर डाली जा सकती है, साथ ही राजद सुप्रीमो लालू यादव और दूसरे राजनेताओं को इस काओर्डिनेशन कमिटी का हिस्सा बनाया जा सकता है,


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