हेमंत सरकार: तीन साल, 40 प्रोजेक्ट, देखिये-2025 तक कितना बदलेगा झारखंड

    हेमंत सरकार: तीन साल, 40 प्रोजेक्ट, देखिये-2025 तक कितना बदलेगा झारखंड

    रांची(RANCHI)- चमचमाती सड़कें किसी भी राज्य की विकास की गाथा को बयां करती है. यह सड़के ही हैं जो आने वाले दिनों की तस्वीर खींचती है, सड़कों का जाल किसी भी राज्य का विकास के लिए बेहद अहम माना जाता है, हालांकि इस आधारभूत सरंचना में किया जाने वाला काम एक दिन में दिखलायी नहीं देता, वर्षों बाद भौतिक रुप से सामने आता है. यदि बात हम हेमंत सरकार के पिछले तीन सालों की करे तो इन तीन सालों में 40 प्रोजेक्ट को स्वीकृति प्रदान की गयी है. माना जाता है कि ये सारे प्रोजेक्ट वर्ष 2025 तक पूरे हो जायेगें, उसके बाद झारखंड की तस्वीर बदली नजर आयेगी.     

    यहां बता  दें कि इन 40 प्रोजेक्ट में 27 सड़क निर्माण, 9 रेलवे ओवरब्रिज निर्माण और 4 पुल निर्माण की है. 14 हजार करोड़ से अधिक लागत की इन योजनाओं में से 5 योजनाओं को पूरा कर लिया गया है, जबकि 4 योजनाओं का 50 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है. इनमें सबसे बड़ी योजना साहिबगंज में है,  जिस पर 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है. यह योजना 1977 करोड़ की लागत से स्टैंड अलोन ब्रिज प्रोजेक्ट के नाम से चल रही है.

    रांची में तीन फ्लाईओवर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण

    राजधानी रांची में तीन फ्लाईओवर एलिवेटेड कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है. रांची के रातू रोड में 3.5 किलोमीटर का प्रोजेक्ट 2025 में पूरा हो जाएगा. जबकि कांटाटोली फ्लाईओवर और सिरमटोली से डोरंडा फ्लाईओवर का काम भी अगले साल के अंत तक पूरा हो जाएगा. इससे साथ ही  राजधानी के रातू रोड-हरमू,  अरगोड़ा चौक,  करमटोली चौक और कचहरी-लालपुर चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए डीपीआर तैयार है. इन चारों परियोजनाओं को जल्द मंजूरी मिलने से शहर में जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो जायेगी.

    जमशेदपुर में 10.5 किलोमीटर का डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर

    जमशेदपुर में 10 किमी से अधिक लंबाई वाले देश के पहले डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. डबल डेकर का निर्माण दो साल में होना है. इससे झारखंड-ओडिशा-बंगाल की लाइफलाइन एनएच-33 पर जाम से राहत मिलेगी.

    वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे

    610 किमी लम्बाई वाले छह लेन का वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस को रांची से होकर गुजरना है. दावा किया जाता है कि यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए यह जीवन रेखा साबित होगी. यह केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना का हिस्सा है.

    गुमला से झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा तक फोन लेन सड़क

    भारतमाला परियोजना के तहत गुमला से झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा तक फोर लेन सड़क बनायी जायेगी. इस प्रोजेक्ट पर करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च होंगे. परियोजना के तहत रांची से पलमा तक फोरलेन का काम पूरा हो चुका है. वहीं, पलमा से गुमला तक फोर लेन योजना पर काम चल रहा है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से धनबाद से रायपुर तक फोरलेन बनाने में मदद मिलेगी. रांची से सिमडेगा की दूरी डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो जायेगी.


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