अजब बिहार की गजब सियासत: आन्दोनरत शिक्षक अभ्यर्थियों का ठिकाना बना विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह का सरकारी आवास

    अजब बिहार की गजब सियासत: आन्दोनरत शिक्षक अभ्यर्थियों का ठिकाना बना विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह का सरकारी आवास

    पटना(PATNA)- सियासत की परतें खोलना इतना आसान नहीं, यहां जो सामने होता है, पीछे उसकी सच्चाई उल्टी होती है, कुछ इसी तरह की कहानी कोसी क्षेत्रीय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चौथे बार निर्वाचित हुए पार्षद संजीव कुमार की है. जिन शिक्षक अभ्यर्थियों को सामने रख भाजपा नीतीश सरकार पर निशाना साध रही है, शिक्षा मंत्री को निशाने पर ले रही है. इस बात का दावा कर रही है कि नीतीश सरकार और खास कर तेजस्वी यादव ने शिक्षकों के साथ वादाखिलाफी की है, पटना की सड़कों पर आन्दोलनरत और विधान सभा का घेराव करते इन शिक्षक अभ्यर्थियों का ठिकाना और कहीं नहीं बल्कि जदयू एमएलसी संजीव कुमार सिंह का सरकारी आवास है.

     संजीव कुमार सिंह का सरकारी आवास बना आन्दोलनकारियों ठिकाना

    संजीव कुमार सिंह के इसी सरकारी आवास पर शिक्षक अभ्यर्थियों जमघट लगा है, और उनकी खातीरदारी में कोई कोर कसर छोड़ी नहीं जा रही रही है. खाने पीने की भरपूर व्यवस्था की गयी है, रात्रि विश्राम के लिए टेंट की व्यवस्था की गयी है. गर्मी से राहत के लिए कुलर  और पंखे की व्यवस्था की गयी है, ताकि बिहार के कोने कोने से जुटे इन शिक्षकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, संजीव कुमार सिंह के कारिन्दों की फौज उनके सेवा सत्कार में जुटा हुआ है. शिक्षक अभ्यर्थी इसी टेंट में विश्राम कर सरकार को घेरने की रणनीतियों का निर्माण करते रहें और सरकार उनके हर सुविधा मुहैया करवाती रही.

    हालांकि इस बीच शिक्षकों ने अपना आन्दोलन समाप्त करने घोषणा कर दी है, और खुद सीएम नीतीश ने शिक्षक अभ्यर्थियों से मुलाकात का आश्वासन दिया है, साथ ही इस बात का भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग पर विचार किया जायेगा. माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने भी कहा कि दोनों सदनों में हमारी बात सरकार तक पहुंच चुकी है. हमारी सिर्फ एक मांग है, सभी शिक्षकों को सरकारी करना.

     अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग

    शिक्षक भर्ती नियमावली का विरोध में आन्दोलन रत इन शिक्षकों की मुख्य मांग बीपीएससी की परीक्षा को वापस लेने की है, उनकी मांग बगैर किसी परीक्षा के आयोजन के सारे शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की है. इसके साथ ही वह वेतनमान में वृद्धि की भी मांग कर रहे हैं.

    शिक्षकों की गिरफ्तारी पर सम्राट चौधरी ने उठाये सवाल

    शिक्षक नियुत्ति नियमावली का विरोध करते इन शिक्षकों को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने का भी साथ मिला है, शिक्षकों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए सम्राट चौधरी ने नीतीश सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किये हैं, सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि कभी तेजस्वी यादव ने कहा था कि सरकार में आते ही एक कलम से सारे शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान कर देंगे, तो अब बीपीएससी से परीक्षा क्यों ली जा रही है? अपनी मांग रखने पर उनकी गिरफ्तारी क्यों की जा रही है?  


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