साल 2024: मुख्यमंत्री हेमंत के वो बड़े फैसले जिससे साफ है हेमंत 2.0 की इमेज़ कुछ और होगी

    साल 2024: मुख्यमंत्री हेमंत के वो बड़े फैसले जिससे साफ है हेमंत 2.0 की इमेज़ कुछ और होगी

    रांची (RANCHI) : झारखंड की राजनीति में 2024 काफी उथल-पुथल भरा साल रहा. साल के पहले ही महीने में सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के साथ ही राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया. इसके बाद पूरे साल घटनाक्रम नाटकीय ढंग से बदलता रहा. झारखंड के इतिहास में यह पहला साल रहा, जब सीएम पद के लिए तीन बार शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. साल 2024 में झारखंड में दलबदल, इस्तीफा और बगावत से जुड़ी घटनाओं ने राजनीति में काफी सनसनी मचाई और कई नए चेहरे भी राजनीतिक मंच पर नजर आए. चुनावी साल होने के कारण नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग भी खूब देखने को मिली. विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन को प्रचंड बहुमत भी मिली. इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कुछ बड़े फैसले भी लिए, जो इस साल खूब सुर्खियों में रही. आइए नजर डालते है इस साल के कुछ बड़े फैसले पर

    मंईयां सम्मान योजना

    हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 'मंईयां सम्मान योजना' लागू करके अपने 'गेम चेंजर प्लान' को सफलतापूर्वक लागू किया. 55 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजने की यह योजना अचूक राजनीतिक नुस्खा साबित हुई. वहीं मंईयां योजना के बढ़ी हुई राशि 2500 लाभुकों के खाते में भुगतान कर किए चुनावी वादे को निभाया है.  

    हजारीबाग के SDO मामले में एक्शन

    हजारीबाग के सदर एसडीओ अशोक कुमार पर पत्नी को जलाकर मार देने का आरोप लगा. ससुराल वाले घटना को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. अशोक कुमार की पत्नी का निधन रांची के अस्पताल में हो गया था. मामले में कार्रवाई करते हुए हजारीबाग के सदर एसडीओ अशोक कुमार का तबादला करते हुए कार्मिक विभाग रांची में कर दिया गया है. आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक कारणों से उनका स्थानांतरण किया जाता है.

    आपको बता दें कि 26 दिसंबर की सुबह 7 बजे एसडीओ की पत्नी को जली हुई हालत में सबसे पहले आरोग्यम अस्पताल लाया गया था. वहां से उन्हें उसी दिन बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद मेडिका के जरिए उन्हें देवकमल अस्पताल ले जाया गया. रांची के देवकमल अस्पताल में 28 दिसंबर की सुबह अनीता कुमारी की मौत हो गई. अनीता के भाई राजकुमार के बयान पर एसडीओ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

    JSSC-CGL परीक्षा की CID जांच का आदेश

    झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के माध्यम से संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच सीआईडी ​​से कराने का आदेश देना भी इस साल हेमंत सरकार के बड़े फैसलों में शामिल है. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की सीआईडी ​​जांच शुरू कर दी गई है. इस जांच का आधार हजारीबाग निवासी राजेश प्रसाद की शिकायत पर रातू थाने में दर्ज प्राथमिकी है. रातू में दर्ज प्राथमिकी में तीन घटनाओं का जिक्र किया गया है. सीआईडी ​​की टीम अब इन तीनों घटनाओं की मोबाइल से तस्वीर और वीडियो बनाने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ करेगी, ताकि जांच आगे बढ़ सके. इसके साथ ही इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं. इन बड़े फैसलों के बाद ये कहना गलत नहीं होगा कि हेमंत 2.0 की इमेज़ कुछ और ही होगी.

     


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