बिहार के सियासी परिवार में घमासान : सरकार बनाने से अधिक चर्चा लालू प्रसाद के परिवार के विवाद का क्यों, पढ़िए

    बिहार के सियासी परिवार में घमासान : सरकार बनाने से अधिक चर्चा लालू प्रसाद के परिवार के विवाद का क्यों, पढ़िए

    TNP DESK- तेजस्वी यादव को राजद ने विधायक दल का नेता चुन लिया है लेकिन अपने कुछ सलाहकारों की वजह से वह परिवार में अकेले पड़ गए है. इधर ,बिहार में अभी राजनीतिक हलचल तेज है.  सरकार बनाने की कवायत चल रही है, कौन मंत्री होंगे, कौन डिप्टी मुख्य मंत्री होंगे, की चर्चा के बीच राजनीतिक हलकों  में इस बात की चर्चा अधिक है कि लालू प्रसाद के परिवार में उठे विवाद का "तूफान" कहां जाकर थमेगा. कहा जाता है कि सरकार से अधिक, अभी बिहार में लालू प्रसाद के परिवार की चर्चा है.  चुनाव परिणाम आने के बाद लालू प्रसाद के परिवार में विघटन शुरू हो गया है.  बड़ा बेटा तो पहले ही बेदखल कर दिया गया है.  अब बेटियां भी पटना छोड़ चुकी है.  इस बीच जदयू हो, बीजेपी हो, सभी  लालू प्रसाद के परिवार में उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दे  रहे है.

    लालू प्रसाद परिवार का झगड़ा अब पूरी तरह से सड़क पर 
     
     लालू प्रसाद परिवार का झगड़ा अब  सड़क पर आने के बाद भाजपा नेता निखिल आनंद ने रोहिणी और मीसा  भारती को आगे आने और राजद  संभालने की सलाह दी है.  निखिल आनंद 2020 के चुनाव में मनेर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और राजद के विधायक भाई वीरेंद्र से हार गए थे.  निखिल आनंद ने कहा है कि तेजस्वी यादव पार्टी चलाने में बुरी तरह विफल हो चुके हैं और परिवार भी एकजुट नहीं रख पा रहे है.  रोहिणी ने कहा था कि  राबड़ी देवी के  आवास पर हार  के कारण में संजय यादव का नाम लेने पर उन पर चप्पल चलाया गया और उन्हें अपशब्द कहा गया. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट कर कहा है कि रोहिणी आचार्य के साथ यह सारी घटना जब हो रही है, तो लगता है कि लालू जी और राबड़ी की मजबूर नजर आ रहे है.  क्या तेजस्वी यादव ने सबको डरा- धमकाकर बंधक बना लिया  है? लेकिन जब लालू परिवार बिखर रहा है तो परिवार के अन्य सदस्यों का तटस्थ रहना  भी उन्हें दोषी जरूर बनाता  है.  

    भाजपा नेता का सवाल -मीसा भर्ती चुप क्यों है ?

    परिवार की अगली पीढ़ी की सबसे बड़ी सदस्य मीसा  भारती चुप क्यों है? लालू जी के बेटों में सबसे बड़े तेज प्रताप यादव घर से निकल जाने के बाद भले बेदखल हो गए है , लेकिन उनका नैतिकता के लिहाज से मूकदर्शक बने रहना भी ठीक नहीं है.  यह दोनों भाई-बहन मजबूती से माता-पिता के साथ आगे जाकर परिवार को बचाएं,इधर , बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने लालू प्रसाद परिवार में आए तूफान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि रोहिणी के साथ जो व्यवहार हुआ, वह ना देश की परंपरा है, न हीं बिहार की.  जायसवाल ने कहा है कि जिस घर में बाहर के लोग रहने लगे, वह घर टूट जाता है.  जिस परिवार में पैसा  हमेशा विवाद से आए हो, उस घर में विवाद तय है.  भाजपा सांसद ने कहा कि रोहिणी ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव की बीमारी के दौरान जिस तरह से सेवा की, वह पूरे देश ने देखा.  हालांकि परिवार के भीतर उनके साथ हुए व्यवहार को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया.  कहा कि बिहार में बहन और बेटियों का सम्मान राजनीति से ऊपर है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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