व्हाट्सएप पर रिश्ता, कानपुर से सहरसा तक पहुंची बारात,लेकिन बिना दुल्हन ही लौट गई बारात


सहरसा(SAHARSA):सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है. ताजा मामला बिहार के सहरसा से सामने आया है, जहां व्हाट्सएप पर तय हुए रिश्ते ने एक परिवार के शादी के सपनों को चकनाचूर कर दिया.उत्तर प्रदेश के कानपुर से सहरसा तक बारात तो पहुंच गई, लेकिन दूल्हा बिना दुल्हन के ही लौटने को मजबूर हो गया.
पांच महीने पहले तय हुई थी शादी
मिली जानकारी के अनुसार, कानपुर के कल्याणपुर निवासी जगदीश कश्यप के पुत्र राज की मुलाकात करीब पांच महीने पहले जाकिर हुसैन नाम के व्यक्ति से हुई थी.बातचीत के दौरान जाकिर ने शादी कराने का भरोसा दिलाया. कुछ ही दिनों में उसने व्हाट्सएप पर एक लड़की की तस्वीर दिखाकर दावा किया कि लड़की सहरसा की रहने वाली है और शादी के लिए तैयार है.
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धीरे-धीरे जाकिर ने युवक और उसके परिवार का भरोसा जीत लिया. शादी के खर्च और रिश्ता पक्का कराने के नाम पर उसने करीब 60 हजार रुपये राज से ऐंठ लिए.भरोसा दिलाया गया कि सहरसा पहुंचते ही शादी की सभी रस्में पूरी कर दी जाएंगी.शादी की खुशी में परिवार ने कोई कसर नहीं छोड़ी.दूल्हे के लिए नए सूट सिलवाए गए, शादी का जोड़ा तैयार हुआ, गहने और उपहार समेत दर्जनों बैग तैयार किए गए. पूरे परिवार को पूरा विश्वास था कि सहरसा पहुंचते ही विवाह संपन्न हो जाएगा.
कहानी ने डरावना मोड़ ले लिया
लेकिन जैसे ही ट्रेन सहरसा स्टेशन पहुंची, कहानी ने डरावना मोड़ ले लिया.स्टेशन से बाहर निकलते ही जाकिर हुसैन अचानक गायब हो गया.कुछ देर बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला और फिर नंबर पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया.जिस लड़की से शादी की बात कही गई थी, उसका भी कोई पता नहीं चल सका.खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा परिवार सीधे सहरसा सदर थाना पहुंचा और मामले की शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरी तरह से योजनाबद्ध ठगी थी, जिसमें शादी जैसे पवित्र रिश्ते को हथियार बनाकर उन्हें फंसाया गया.फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपी की तलाश की जा रही है.
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