झारखंड विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का दिखा अलग अंदाज, भाजपा विधायक सीपी सिंह ने क्यों कह दी यह बड़ी बात

    झारखंड विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का दिखा अलग अंदाज, भाजपा विधायक सीपी सिंह ने क्यों कह दी यह बड़ी बात

    TNP DESK: झारखंड की छठी विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का अलग-अलग अंदाज सोमवार को दिखा. भाषाई विविधता की झलक भी दिखी. किसी ने संथाली तो किसी ने हो, तो कोई खोरठा, अंगिका, उर्दू से लेकर बांग्ला और उड़िया तक में शपथ ली. पहली बार सदन में चुनकर आए 21 विधायक रोमांचित थे. सबसे अधिक चर्चा में जयराम महतो रहे. जयराम महतो खाली पैर पहुंचे. घुटने के बल बैठकर सदन को प्रणाम किया. आज रविंद्र नाथ महतो निर्विरोध झारखंड की छठी विधानसभा के स्पीकर चुन लिए जाएंगे. झारखंड विधानसभा के गठन के बाद यह पहला मौका होगा जब लगातार दूसरी बार कोई विधायक स्पीकर बनेंगे. रविंद्र नाथ महतो पांचवीं विधानसभा में भी अध्यक्ष थे. छठी विधानसभा  के चुनाव में नाला से जीत  विधानसभा पहुंचे है.अध्यक्ष बनने का रविंद्र नाथ महतो के लिए यह दूसरा अवसर होगा.

    रविंद्र नाथ महतो को सर्वसम्मति से स्पीकर बनाने का प्रस्ताव दिया गया

    रविंद्र नाथ महतो के पिता का शनिवार को निधन हो गया . शनिवार को ही अंत्येष्टि भी हुई थी. वह लोकतंत्र की प्रक्रिया में  शामिल हुए. झारखंड की छठी विधानसभा के लिए रविंद्र नाथ महतो का मंगलवार को निर्विरोध स्पीकर बनना तय है. उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष समेत अन्य दलों ने भी प्रस्ताव दिया है. विधानसभा से बाहर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा कि रविंद्र नाथ महतो को सर्वसम्मति से स्पीकर बनाने का प्रस्ताव दिया गया है. जिस पर सहमति बन चुकी है.

    झारखंड के छठी विधानसभा में अलग-अलग राजनीतिक परिदृश्य भी दिखे. भाजपा के साथ 2020 से जुड़े  बाबूलाल मरांडी भाजपा के साथ बैठे तो पहली बार भाजपा विधायकों को चंपई सोरेन का साथ मिला. पांचवीं विधानसभा में झाविमो से जीत कर बाबूलाल मरांडी विधानसभा पहुंचे थे. लेकिन सदन में भाजपा विधायक के तौर पर स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से भाजपा विधायकों के साथ सदन में नहीं बैठ पाते थे. यह बात भी होगी कि झारखंड की छठी विधानसभा के पहले सत्र में नेता प्रतिपक्ष नहीं मिल पाएगा. सदन की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भाजपा के द्वारा विधायक दल के नेता का चयन नहीं हो पाया है. भाजपा विधायक दल के नेता ही नेता प्रतिपक्ष होंगे.

    सीपी सिंह ने  क्या कहा 

    इधर, रांची के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि मेरे इरादे बचपन से ही फौलादी रहे हैं.  सातवीं बार विधानसभा पहुंचा हूं. लेकिन आठवीं बार में विधानसभा का चुनाव नहीं लडूंगा.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news