चंपारण सांस्कृतिक मोहत्सव में ख्याति प्राप्त गायकों ने अपने सुरों की बहायी गंगा, उस्मान मीर के गजल और भजनों ने लोगों को रखा बांधे

    चंपारण सांस्कृतिक मोहत्सव में ख्याति प्राप्त गायकों ने अपने सुरों की बहायी गंगा, उस्मान मीर के गजल और भजनों ने लोगों को रखा बांधे

    मोतिहारी(MOTIHARI):  गायकी के दुनिया में अंतराष्ट्रीय स्तर पर फलक पर अपना जगह स्थापित करने वाले उस्मान मीर के गजल की धुन का मोतिहारी के लोगों ने जमकर लुत्फ़ उठाया. मौका था चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव का. आपको बता दें कि कोरोना त्रासदी में पिछले दो वर्षो से इस कार्यक्रम को नहीं किया जा सका था. लेकिन, अब एक बार फिर से मोतिहारीं शहर में दो दिवसीय चंपारण सांस्कृतिक मोहत्सव का आयोजन किया गया. शहर के नगर भवन में आयोजित दो दिवसीय इस महोत्सव के पहले दिन देश के ख्याति प्राप्त गायकों ने अपने सुरों की गंगा बहाई. लोग कजरी, लोकगीत व गजल के त्रिवेणी में गोता लगा रहे थे. गजल और अदब के जाने माने फनकार उस्मान मीर की गायकी ने लोगों को देर रात तक बांधे रखा. उस्मान मीर ने गजल और भजन से ऐसा समां बांधा कि लोग अपने जगह से हिले तक नहीं. ठंड के शुष्क मौसम में भी तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गर्म रहा.

    आपको बता दें कि दो दिवसीय चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव के पहले दिन का उद्घाटन पं. दीनदयाल यूनिवर्सिटी, गोरखपुर के कुलपति डॉ.राजेश सिंह, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी पटना के कुलपति डॉ.राकेश कुमार सिंह, डीएम शीर्षत कपिल अशोक, एसपी डॉ. कुमार आशीष समेत कई लोगों ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर अतिथियों को महोत्सव समिति ने सम्मानित किया.

    इन्हें किया गया सम्मानित

    चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव की तरफ से महर्षि वाल्मीकि राष्ट्रीय सम्मान 2022 से पं. दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेश सिंह को सम्मानित किया गया, जिसके तहत एक लाख का चेक पुरस्कार के रुप दिया गया. वहीं इसी साल से मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति दिवंगत प्रो. विरेंद्र पाण्डेय के स्मृति में शुरु हुए पुरस्कार के लिए टीवी पत्रकार सुधीर चौधरी का चयन किया गया था. सुधीर चौधरी के प्रतिनिधि ने पुरस्कार के एक लाख का चेक ग्रहण किया.


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