मध्याह्न भोजन में छिपकली, सौ से ज्यादा बच्चे बीमार  

    मध्याह्न भोजन में छिपकली, सौ से ज्यादा बच्चे बीमार  

    अररिया(ARARIYA): जिले के फारबिसगंज के मटियारी के कन्या प्राथमिक विद्यालय के मध्याह्न भोजन खाने से करीब एक सौ स्कूली छात्रा बीमार हो गयी. जिसे आनन-फानन में ग्रामीणों, अभिभावकों द्वारा फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण के बाद सभी बच्चे स्वस्थ और खतरे से बाहर बताये गये. सूचना के बाद मौके पर अररिया एसपी अशोक कुमार सिंह, फारबिसगंज एसडीएम सुरेन्द्र कुमार अलबेला, एसडीपीओ रामपुकार सिंह, डीपीओ(एमडीएम) आनन्द कुमार, थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेन्दु, विधायक विद्यासागर केशरी समेत अन्य अधिकारी और पुलिस बल पहुंचे. मध्याह्न भोजन में छिपकली की आशंका से बच्चों के बीमार होने की बात कही जा रही है.

    हालांकि फारबिसगंज एसडीएम सुरेन्द्र कुमार अलबेला ने मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन की ओर से सप्लाई किये जाने वाले एमडीएम भोजन में छिपकली रखने और अफवाह फैलाने का षड्यंत्र रचने की बात करते हुए मामले की जांच कर षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही. वहीं एसपी अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे और सभी बच्चों के खतरे से बाहर होने की बात करते हुए मामले की जांच करने की बात कही.

    दोषी पर होगी सख्त कार्रवाई

    वहीं डीपीओ(एमडीएम) आनन्द कुमार ने मामले की जांच करवाने की बात कही और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में मासूम बच्चों के सेहत से खिलवाड़ करने वाले को बख्शा नहीं जायेगा. दरअसल, स्कूलों में एमडीएम भोजन एजेंसी एनजीओ की ओर से सप्लाई की जाती है और एजेंसी की ओर से कई स्कूलों में एमडीएम का भोजन सप्लाई किया जाता है और लगातार स्कूल प्रबंधन की ओर से एमडीएम भोजन स्कूलों में तैयार करने को लेकर दबाव बनाया जाता है.

    खाना खाने के तुरंत बाद बिगड़ने लगी तबीयत

    घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हरेक दिन के समान मेनू के अनुसार दाल चावल और सब्जी का सप्लाई किया गया था. बच्चों के अनुसार, खाना खाने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी. जिसके बाद अगल-बगल के अभिभावकों को बताया गया कि एमडीएम के सप्लाई खाना में छिपकली था और उसी भोजन को खाने से बच्चों की तबीयत खराब हुई है. जिसके बाद आनन-फानन में अभिभावकों और ग्रामीणों ने एक सौ के करीब बच्चों को फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया. जहां अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रेशमा अली, डॉ अली, अकबर अंसारी की देख-रेख में बीमार बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण किया गया. सभी बच्चे खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं. मामले पर जानकारी देते हुए अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रेशमा अली ने बताया कि कुछ बच्चों ने चक्कर आने और उल्टी जैसे होने की शिकायत की है. अस्पताल परिसर में किसी भी बच्चे को उल्टी नहीं हुई है और सभी बच्चे स्वस्थ और खतरे से बाहर हैं. उन्होंने कहा कि बच्चे विषाक्त भोजन को लेकर डरे सहमे हैं,लेकिन डरने की कोई बात नहीं है.

    सभी बच्चे स्वस्थ

    सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावकों के अलावे अधिकारियों के घटना अस्थल पर पहुंच कर जानकारी ले रहे हैं. बहरहाल, सभी बच्चे स्वस्थ और खतरे से बाहर हैं. फारबिसगंज विधायक विद्यासागर केशरी ने मामले के जांच के लिए एक कमिटी के गठन कर पूरे प्रकरण का जांच कराने की मांग वरीय अधिकारियों से की है. मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. लेकिन पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल है कि चंद लाभ के लिए आखिर मासूमों की जिंदगी की खिलवाड़ करने से भी गुरेज करने से नहीं हिचकते हैं.


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